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Jabalpur News: अतिशेष शिक्षक बताकर किया तबादला, हाईकोर्ट ने लगाई रोक, 15 दिन में निराकरण करने का आदेश
Fri, 13 Dec 2024 09:21 AM IST
जबलपुर ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर
Published by: जबलपुर ब्यूरो
Updated Fri, 13 Dec 2024 09:21 AM IST
सार
सिंगरौली के माध्यमिक विद्यालय माजन खुर्द में कार्यरत माध्यमिक शिक्षक ने च्वाइस फिलिंग के अनुरूप स्थानांतरण न होने पर हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। याचिका में कहा गया कि उन्हें अवैधानिक रूप से अतिशेष शिक्षक घोषित कर तबादला कर दिया गया है।
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जबलपुर हाईकोर्ट
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
च्वाइस फिलिंग के अनुरूप स्थानांतरण किए जाने को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई थी। इसे लेकर हुई सुनवाई में हाईकोर्ट के जस्टिस विवेक जैन की एकलपीठ ने कहा कि च्वाइस फिलिंग करवाने के बाद सरकार उस पर अमल करने के लिए बाध्य है। एकलपीठ ने अतिशेष शिक्षक के स्थानांतरण पर यथास्थिति बनाए रखने के निर्देश जारी करते हुए उनके अभ्यावेदन का 15 दिनों में निराकरण करने के आदेश दिए हैं।
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दरअसल, सिंगरौली जिले के माध्यमिक विद्यालय माजन खुर्द में कार्यरत माध्यमिक शिक्षक (हिंदी) रामजनम वर्मा ने च्वाइस फिलिंग के अनुरूप स्थानांतरण न होने पर हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। याचिका में कहा गया कि उन्हें अवैधानिक रूप से अतिशेष शिक्षक घोषित किया गया। जिस विद्यालय में याचिकाकर्ता शिक्षक के पद पर कार्यरत हैं, वहां पर शिक्षकों की संख्या उतनी ही है, जितनी शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2013 के अनुरूप होनी चाहिए। याचिकाकर्ता के अन्यत्र स्थानांतरण से विद्यालय में शिक्षक की कमी हो रही है।
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काउंसलिंग द्वारा च्वाइस फिलिंग के लिए 15 सितंबर 2024 की तिथि तय की गई थी। इसके लिए जिले में रिक्त पदों को ऑनलाइन पोर्टल पर भी जारी किया गया। इसके अनुरूप याचिकाकर्ता ने काउंसलिंग में शामिल होकर वरीयता क्रम में पांच विद्यालय चयनित किए। इसके बाद च्वाइस के विपरीत 20 सितंबर 2024 को याचिकाकर्ता का स्थानांतरण शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय डोड़की कर दिया गया, जो वर्तमान पोस्टिंग से करीब 100 किलोमीटर दूर है। याचिका की सुनवाई के बाद एकलपीठ ने उक्त आदेश जारी किए। याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता विनायक प्रसाद शाह और रूप सिंह मरावी ने पैरवी की।
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