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Jabalpur: राजस्थान से अवैध हिरासत में लाकर चार दिन तक दी यातनाएं, मांग रहे थे 18 लाख, सोने के जेवर लूटे
Sat, 14 Dec 2024 03:41 PM IST
जबलपुर ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर
Published by: जबलपुर ब्यूरो
Updated Sat, 14 Dec 2024 03:41 PM IST
सार
जबलपुर में एक छात्र ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की, जिसमें उसने क्राइम ब्रांच भोपाल पर अवैध हिरासत, यातना और 18 लाख रुपये की वसूली का आरोप लगाया। न्यायालय ने वीडियो फुटेज पेश करने के निर्देश दिए हैं।
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high court
विस्तार
जबलपुर में एक छात्र ने राजस्थान निवासी राजा राम के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दायर की है, जिसमें उसने क्राइम ब्रांच भोपाल पर अवैध हिरासत में लेकर चार दिनों तक यातना देने का आरोप लगाया है। याचिका में कहा गया है कि क्राइम ब्रांच के चार कर्मचारियों ने उसे राजस्थान से उठाते समय उसकी सोने की चेन, कड़ा, अंगूठी और मोबाइल लूट लिया। इसके अलावा, उसे छोड़ने के एवज में 18 लाख रुपये की मांग की गई थी।
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याचिका की सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट के जस्टिस विवेक अग्रवाल की एकलपीठ ने अपराध शाखा एमपी नगर भोपाल के पांच दिनों की वीडियो फुटेज पेन ड्राइव में न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही, पुलिस आयुक्त भोपाल को हलफनामा में जवाब प्रस्तुत करने का आदेश भी जारी किया गया है। राजा राम, जो ग्राम नोखा, जिला बीकानेर, राजस्थान का निवासी है, ने अपनी याचिका में कहा कि 4 दिसंबर की शाम को वह अपने तीन दोस्तों के साथ एक विवाह समारोह में शामिल होने जा रहा था। इस दौरान, चार सादे कपड़े पहने व्यक्तियों ने उनकी गाड़ी को रोक लिया और उन्हें जबरदस्ती वाहन में बैठा लिया। उसके दोस्तों ने इस घटनाक्रम की कुछ तस्वीरें भी ली थीं।
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राजा राम ने आरोप लगाया कि रास्ते में चारों व्यक्तियों ने शराब पी और उसकी सोने की चेन, अंगूठी, कड़ा और मोबाइल लूट लिए। उसे भोपाल में एमपी नगर स्थित अपराध शाखा के लॉकअप में लाकर रखा गया, जहां उसके हाथ-पैर में बेड़ियां डाल दी गईं। वह 5 दिसंबर से 8 दिसंबर तक लॉकअप में अवैध रूप से रखा गया और न्यायिक मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश नहीं किया गया। इस दौरान उसे मानसिक और शारीरिक यातनाएं दी गईं। उसके और दो अन्य मोबाइल फोन से परिजनों से संपर्क कर 18 लाख रुपये की अवैध मांग की गई।
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राजा राम का रिश्तेदार सुखदयाल 8 दिसंबर को एमपी नगर स्थित अपराध शाखा पहुंचा, तो पुलिस ने उसे भी लॉकअप में बंद कर दिया। अगले दिन उन्हें रुपये लाने के लिए छोड़ दिया गया, लेकिन इससे पहले उनसे रुपये की मांग के संबंध में लिखित अंडरटेकिंग ली गई और इसका वीडियो भी बनाया गया। याचिका में आरोप लगाया गया है कि क्राइम ब्रांच के कर्मचारियों ने उसका अपहरण किया और लूट की। एकलपीठ ने आदेश दिया है कि याचिकाकर्ता द्वारा उल्लेखित नामों की पहचान सुनिश्चित की जाए, ताकि उन्हें अनावेदक बनाया जा सके। इसके अलावा, 4 से 9 दिसंबर तक के अपराध शाखा एमपी नगर के वीडियो फुटेज न्यायालय में प्रस्तुत किए जाने का निर्देश दिया गया है।
