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MP High Court: दो साल से मोटरेबल नहीं होने के कारण पुल है बंद, हाईकोर्ट ने नोटिस जारी कर मांगा जवाब

Tue, 05 Nov 2024 07:10 AM IST
जबलपुर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर Published by: जबलपुर ब्यूरो Updated Tue, 05 Nov 2024 07:10 AM IST
सार

दो साल से मोटरेबल नहीं होने के कारण पुल बंद पड़ा हुआ है। ऐसे में मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।

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MP High Court bridge closed for two years due to not being motorable High Court issued notice and sought reply
मध्यप्रदेश हाईकोर्ट, जबलपुर - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

दो साल से मोटरेबल पुल नहीं होने के कारण क्षेत्र को लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लोगों को मजबूरन 40 किलोमीटर लंबा बाइपास लेकर जाना पड़ता है। इतना ही नहीं मोटरेबल पुल नहीं होने के कारण क्षेत्र आर्थिक और शिक्षा सहित अन्य क्षेत्र में पिछड़ रहा है। याचिका की सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट जस्टिस सुरेश कुमार कैत तथा जस्टिस विवेक जैन की युगलपीठ ने अनावेदकों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।

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बता दें कि कटनी जिले के कैमोर निवासी अधिवक्ता ब्रम्हमूर्ति तिवारी की तरफ से दायर की गयी याचिका में कहा गया था कि कटनी व बहरी के बीच स्थित छोटी महानदी का पुल जर्जर हो गया था, जिसके कारण जिला कलेक्टर ने साल 2022 में पुल से यातायात प्रतिबंधित कर दिया था। मोटरेबल पुल नहीं होने के कारण लोगों को जिला मुख्यालय जाने के लिए 40 किलोमीटर लंबा बाइपास लेना पड़ता है, जिसके कारण उनके समय का नुकसान होता है और आर्थिक बोझ भी बढ़ता है।
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याचिका में कहा गया था कि मोटरेबल पुल नहीं होने के कारण व्यापारिक, आर्थिक तथा शिक्षा भी प्रभावित हो रही है। विधानसभा में भी इस संबंध में प्रश्न उठाया जा चुका है। याचिका के साथ एक फोटो भी प्रस्तुत की गई थी, जिसमें मोटरेबल पुल नहीं होने के कारण लाश को व्यक्ति कंधे में उठाकर ले गए।
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याचिका में प्रदेश सरकार सहित जल संसाधन विभाग के अधिकारियों तथा जिला कलेक्टर को अनावेदक बनाया गया था। युगलपीठ ने याचिका की सुनवाई करते हुए अनावेदकों को नोटिस जारी कर अगली सुनवाई 10 दिसंबर को निर्धारित की गयी है। याचिकाकर्ता की तरफ से अधिवक्ता हिमांशु मिश्रा ने पैरवी की। 

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