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MP High Court: सेवानिवृत्त कर्मचारियों को प्रदान किया जाए वार्षिक वेतन वृद्धि लाभ, HC ने सरकार को दिए निर्देश

Mon, 14 Oct 2024 10:13 PM IST
जबलपुर ब्यूरो न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर Published by: जबलपुर ब्यूरो Updated Mon, 14 Oct 2024 10:13 PM IST
सार

सेवानिवृत्त कर्मचारियों को वार्षिक वेतन वृद्धि का लाभ प्रदान किया जाए। मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने सरकार को निर्देश दिए हैं।

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MP High Court Retired employees should be given annual salary increment benefits HC instructions to government
मध्यप्रदेश हाईकोर्ट, जबलपुर - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मध्यप्रदेश हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस सुरेश कुमार कैत तथा जस्टिस विवेक जैन की युगलपीठ ने अलग-अलग विभागों से सेवानिवृत्त एक दर्जन से अधिक कर्मचारियों को वार्षिक वेतन वृद्धि का लाभ प्रदान करने के निर्देश दिए हैं। युगलपीठ ने माना की एक दिन पूर्व सेवानिवृत्त किए जाने के कारण याचिकाकर्ताओं को वार्षिक वेतन वृद्धि से वंचित नहीं किया जा सकता है।

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जबलपुर निवासी नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण से सेवानिवृत्त हुए निर्मल कुमार जैन, अशोक कुमार पचौरी, डिंडौरी निवासी रवि श्रीवास्तव (वन विभाग), जबलपुर निवासी हरि सिंह गौर (किसान विकास एवं कृषि विभाग), ललित कुमार गर्ग (पुलिस विभाग), कमलेश कुमार जैन (जल संसाधन विभाग) की तरफ से दायर याचिका में कहा गया था कि छठवें वेतनमान पुनरीक्षण के नियम अनुसार एक जुलाई को और एक जनवरी को सेवा में रहने पर वार्षिक वेतन वृद्धि का लाभ देना होता है।
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याचिकाकर्ताओं ने 30 जून और 31 दिसंबर को सेवानिवृति प्रदान की गई थी, जिसके कारण उन्हें वार्षिक वेतन वृद्धि का लाभ नहीं दिया गया। याचिका में कहा गया था कि उन्होंने छह महीने तक सेवा प्रदान की थी। सिर्फ एक दिन के कारण उन्हें वार्षिक वेतन वृद्धि से वंचित कर दिया गया।याचिकाओं की सुनवाई करते हुए युगलपीठ ने सर्वोच्च न्यायालय द्वारा पारित आदेश का हवाला देते हुए 30 जून और 31 दिसंबर के सेवानिवृत कर्मियों को भी उक्त लाभ देने का आदेश जारी किए हैं।
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बिना किसी कारण निरस्त कर दी ट्रेड फेयर की अनुमति
बिना किसी कारण ट्रेड फेयर की अनुमति निरस्त किए जाने को हाईकोर्ट में याचिका दायर की चुनौती दी गई थी। हाईकोर्ट जस्टिस विनय सराफ की एकलपीठ ने याचिका की सुनवाई करते हुए अनावेदकों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।

अनुष्का गणपति इवेंट्स मैनेजमेंट ग्रुप के राजेश कुमार खुराना की तरफ से दायर की गई याचिका में कहा गया था कि सीएमओ की अनापत्ति के बाद टीकमगढ़ में ट्रेड फेयर प्रदर्शनी संचालित करने के लिए अनुविभागीय दंडाधिकारी ने अनुमति प्रदान की थी। ट्रेड फेयर प्रदर्शनी लगाने की अनुमति दो अक्तूबर से 30 अक्तूबर तक प्रदान की गई थी। ट्रेड फेयर प्रदर्शनी प्रारंभ होने के दो दिन बाद उक्त अनुमति को निरस्त कर दिया गया। अनुमति निरस्त करने के संबंध में कोई नोटिस तक जारी नहीं किया। सुनवाई का अवसर दिए बिना ही मनमाने तरीके से एसडीएम के द्वारा अनुमति निरस्त कर दी गई।


याचिकाकर्ता की तरफ से बताया गया कि ट्रेड फेयर में छोटे व्यापारियों के करीब 70 स्टॉल्स स्थापित किए गए हैं। स्थानीय व्यापारियों द्वारा ज्ञापन दिए जाने के बाद नगर पालिका परिषद द्वारा पहले अनापत्ति निरस्त की गई, फिर एसडीएम ने अनुमति निरस्त करने का आदेश जारी कर दिया। याचिका की सुनवाई करते हुए एकलपीठ ने कलेक्टर टीकमगढ़, एसडीएम, तहसीलदार व नगर पालिका टीकमगढ़ के सीएमओ को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। याचिका पर अगली अगली सुनवाई 21 अक्तूबर निर्धारित है।

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