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Sidhi Peshab Kand: एनएसए के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई, हाईकोर्ट ने आदेश रखा सुरक्षित
Fri, 22 Sep 2023 07:37 PM IST
अरविंद कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर/सीधी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर/सीधी
Published by: अरविंद कुमार
Updated Fri, 22 Sep 2023 07:37 PM IST
सार
मध्यप्रदेश के सीधी जिले में हुए पेशाब कांड को लेकर एनएसए के खिलाफ दायर याचिका को लेकर सुनवाई हुई है। जबलपुर हाईकोर्ट ने आदेश सुरक्षित रखा है।
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जबलपुर हाईकोर्ट
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
सीधी में आदिवासी व्यक्ति पर पेशाब करने वाले भाजपा नेता के खिलाफ एनएसए के तहत कार्यवाही किए जाने को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई है। हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस रवि विजय कुमार मलिमठ तथा जस्टिस विशाल मिश्रा की युगलपीठ ने अभय पक्षों के तर्क सुनने के बाद आदेश सुरक्षित रखने के निर्देश जारी किए हैं।
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याचिकाकर्ता कंचन शुक्ला की तरफ से दायर की गई याचिका में कहा गया था कि उनका पति प्रवेश शुक्ला एक पार्टी का नेता है। पति द्वारा एक आदिवासी युवक पर पेशाब करने का वीडियो वायरल होने के बाद इसे राजनीतिक मुददा बना लिया गया। प्रशासन द्वारा भी उसके खिलाफ एनएसए के तहत कार्यवाही की गई है। याचिका में एनएसए कार्यवाही की वैधता को चुनौती दी गई थी।
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याकिचाकर्ता की तरफ से तर्क दिया गया कि उसका कोई अपराधिक रिकॉर्ड नहीं है। मामले को राजनीतिक मुददें का रूप दिया गया था। जिसके कारण प्रशासन ने आरोपी के खिलाफ एनएसए की कार्यवाही की है। एनएसए की कार्यवाही अनुच्छेद 21 का उल्लंघन है। सरकार की तरफ से युगलपीठ को बताया गया था कि पब्लिक आर्डर के तहत आरोपी के खिलाफ कार्यवाही की गयी है। इस संबंध में सर्वोच्च न्यायालय द्वारा पारित आदेश का हवाला भी दिया गया था।
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राज्य सरकार द्वारा भी एनएसआई की कार्यवाही पर सहमत्ति प्रदान कर दी गई है। याचिकाकर्ता की तरफ से बताया गया कि वायरल वीडियो साल 2020 का है। तीन साल बाद वीडियो के आधार पर एनएसए की कार्यवाही करना अवैधानिक है। किसी प्रकार के दंगे या विवाद की कोई स्थिति निर्मित नहीं हुई थी। सीएम द्वारा सोशल मीडिया में की गई पोस्ट का हवाला देते हुए कहा गया कि यह पब्लिग आर्डर के तहत नहीं सीएम आर्डर के तहत कार्यवाही की गई है। युगलपीठ ने सुनवाई के बाद फैसला सुरक्षित रखने के आदेश जारी किए हैं। याचिकाकर्ता की तरफ से अधिवक्ता अनिरूध्द मिश्रा ने पैरवी की।
