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Jabalpur News: कटनी विधायक संजय पाठक को हाईकोर्ट का नोटिस, अब विधानसभा सचिव के माध्यम से तामील के निर्देश
Tue, 25 Nov 2025 12:09 PM IST
जबलपुर ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर
Published by: जबलपुर ब्यूरो
Updated Tue, 25 Nov 2025 12:09 PM IST
सार
जेल में बंद कुख्यात बदमाश अब्दुल रज्जाक की याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने कटनी विधायक संजय पाठक को जारी नोटिस पर निर्देश दिया कि विधानसभा सचिव के माध्यम से नोटिस तामील कराया जाए।
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विस सचिव के माध्यम से तामील कराओं विधायक को नोटिस
विस्तार
मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने अब्दुल रज्जाक द्वारा लगाए गए आरोपों पर सुनवाई करते हुए कटनी विधायक संजय पाठक को जारी नोटिस की तामील प्रक्रिया पर सोमवार को महत्वपूर्ण निर्देश दिए।
हाईकोर्ट की जस्टिस विवेक अग्रवाल और जस्टिस रामकुमार चौबे की युगल पीठ के समक्ष हुई सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता के अधिवक्ता ने बताया कि विधायक के आवास पर उपलब्ध न होने के कारण नोटिस तामील नहीं हो सका है। इस पर न्यायालय ने निर्देश दिया कि अब विधानसभा सचिव के माध्यम से नोटिस तामील कराया जाए। मामले की अगली सुनवाई 15 दिसंबर को निर्धारित की गई है।
क्या है पूरा मामला
यह मामला हिस्ट्रीशीटर बदमाश अब्दुल रज्जाक की ओर से दायर याचिका से संबंधित है। पिछली सुनवाई के दौरान रज्जाक की ओर से विधायक संजय पाठक पर यह आरोप लगाया गया था कि व्यावसायिक प्रतिद्वंद्विता के चलते उनके खिलाफ की जा रही कानूनी कार्रवाई पूर्व मंत्री और वर्तमान विधायक संजय पाठक के इशारे पर हो रही है।
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29 अक्टूबर को हुई सुनवाई में हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ता अब्दुल रज्जाक से पूछा था कि जिस विधायक और खनन कारोबारी पर वे आरोप लगा रहे हैं, उन्हें उन्होंने मामले में पक्षकार क्यों नहीं बनाया?
ये भी पढ़ें: Dindori News: छात्राओं के मोबाइल पर भेजे अनुचित संदेश, शिक्षक पर एफआईआर दर्ज कर तत्काल निलंबित किया
सुनवाई के दौरान न्यायालय ने पुलिस प्रशासन की कार्रवाई पर भी प्रश्न उठाया। अदालत ने पूछा कि जब अब्दुल रज्जाक अगस्त 2021 से लगातार जेल में बंद था, तो उसी अवधि में उसके खिलाफ विभिन्न थानों में नए आपराधिक प्रकरण कैसे दर्ज हो गए।
याचिकाकर्ता की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता मोहम्मद अली, शारिक अकील फारुकी और अमित रायजादा ने अदालत को बताया कि विधायक के प्रभाव में आकर शासन और पुलिस प्रशासन द्वारा उनके मुवक्किल को लगातार परेशान किया जा रहा है।
उन्होंने यह भी दलील दी कि रज्जाक के खिलाफ दर्ज कई मामलों में अभी तक अंतिम रिपोर्ट प्रस्तुत नहीं की गई है। जैसे ही किसी प्रकरण में जमानत मिलती है तुरंत किसी दूसरे मामले में नई गिरफ्तारी दिखा दी जाती है। अधिवक्ताओं ने कहा कि यह प्रक्रिया न्याय व्यवस्था के साथ छलावा है और इसमें राजनीतिक दबाव स्पष्ट रूप से झलकता है।
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हाईकोर्ट की जस्टिस विवेक अग्रवाल और जस्टिस रामकुमार चौबे की युगल पीठ के समक्ष हुई सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता के अधिवक्ता ने बताया कि विधायक के आवास पर उपलब्ध न होने के कारण नोटिस तामील नहीं हो सका है। इस पर न्यायालय ने निर्देश दिया कि अब विधानसभा सचिव के माध्यम से नोटिस तामील कराया जाए। मामले की अगली सुनवाई 15 दिसंबर को निर्धारित की गई है।
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क्या है पूरा मामला
यह मामला हिस्ट्रीशीटर बदमाश अब्दुल रज्जाक की ओर से दायर याचिका से संबंधित है। पिछली सुनवाई के दौरान रज्जाक की ओर से विधायक संजय पाठक पर यह आरोप लगाया गया था कि व्यावसायिक प्रतिद्वंद्विता के चलते उनके खिलाफ की जा रही कानूनी कार्रवाई पूर्व मंत्री और वर्तमान विधायक संजय पाठक के इशारे पर हो रही है।
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29 अक्टूबर को हुई सुनवाई में हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ता अब्दुल रज्जाक से पूछा था कि जिस विधायक और खनन कारोबारी पर वे आरोप लगा रहे हैं, उन्हें उन्होंने मामले में पक्षकार क्यों नहीं बनाया?
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सुनवाई के दौरान न्यायालय ने पुलिस प्रशासन की कार्रवाई पर भी प्रश्न उठाया। अदालत ने पूछा कि जब अब्दुल रज्जाक अगस्त 2021 से लगातार जेल में बंद था, तो उसी अवधि में उसके खिलाफ विभिन्न थानों में नए आपराधिक प्रकरण कैसे दर्ज हो गए।
याचिकाकर्ता की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता मोहम्मद अली, शारिक अकील फारुकी और अमित रायजादा ने अदालत को बताया कि विधायक के प्रभाव में आकर शासन और पुलिस प्रशासन द्वारा उनके मुवक्किल को लगातार परेशान किया जा रहा है।
उन्होंने यह भी दलील दी कि रज्जाक के खिलाफ दर्ज कई मामलों में अभी तक अंतिम रिपोर्ट प्रस्तुत नहीं की गई है। जैसे ही किसी प्रकरण में जमानत मिलती है तुरंत किसी दूसरे मामले में नई गिरफ्तारी दिखा दी जाती है। अधिवक्ताओं ने कहा कि यह प्रक्रिया न्याय व्यवस्था के साथ छलावा है और इसमें राजनीतिक दबाव स्पष्ट रूप से झलकता है।
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