Pune Hit And Run Case: आरोपी की जमानत पर पीड़ित परिवार बोला- मेरे दर्द को समझें, मैंने अपनी बेटी खोई है
पुणे हिट एंड रन मामले में मुख्य नाबालिग आरोपी को मुंबई हाईकोर्ट ने मंगलवार को जमानत दे दी। 18 मई की रात को शराब के नशे में एक बड़े उद्योगपति के नाबालिग बेटे ने तेज रफ्तार से गाड़ी चलाते हुए दो लोगों को कुचल दिया था।
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पुणे हिट एंड रन मामले में आरोपी नाबालिग को मुंबई हाईकोर्ट से जमानत का लाभ मिल गया है। घटना में मृत मध्यप्रदेश के दोनों युवा इंजीनियरों के परिजनों ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे से मुलाकात की। परिजन प्रारंभ से मांग कर रहे थे कि जघन्य घटना में आरोपी को उम्र का लाभ नहीं मिलना चाहिए था।
गौरतलब है कि पुणे हिट एंड रन घटना में जबलपुर निवासी अश्वनी कोष्टा तथा बिरसिंहपुर पाली निवासी अनीस अवधिया की मौत हो गयी थी। बाइक सवार दोनों युवा इंजीनियर को नशे में धुत नाबालिग ने कार से टक्कर मारी थी। घटना के बाद परिजनों की मांग कर रहे थे कि नाबालिग ने हजारों रुपये शराब पीने के लिए बार में खर्च किये थे। इसके अलावा महंगी गाड़ी चला रहा था। आरोपी नाबालिग मानसिक रूप से व्यस्क है। इसलिए उसे नाबालिग होने का लाभ नहीं मिलना चाहिये। उसके खिलाफ व्यस्क की तरफ मामला चलाया जाना चाहिये था।
घटना में मृत अश्वनी कोष्टा के पिता सुरेश कुमार कोष्टा का कहना है कि मुंबई हाईकोर्ट का फैसला उन्होंने नहीं पढ़ा है। इसलिए वह फैसले के संबंध में कुछ नहीं कर सकते। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने चर्चा के लिए उन्होंने बुलाया था। मुख्यमंत्री शिंदे ने प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए आवश्यक कार्यवाही का आश्वासन दिया है।
घटना में मृत अनीस के चाचा सूर्या अवधिया ने बताया कि महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने चर्चा के लिए बुलाया था। उनके बड़े भाई तथा अनीस के पिता ओपी अवधिया मुख्यमंत्री शिंदे से चर्चा करने मुंबई गये है। मुख्यमंत्री से हुई चर्चा तथा हाईकोर्ट के फैसले पर उनके वापस लौटने पर ही कुछ बता पाएंगे।
पीडित मां ममता कोष्टा का कहना है कि आज समाचार सुनने के बाद मैं शॉक रह गई। मैंने अपनी बेटी खोई है। न्यायालय को मेरा दर्द भी समझना चाहिए। न्यायपालिका पर मुझे पूरा विश्वास है। यह मेरा विश्वास है कि मुझे न्याय मिलेगा। पुणे में कई नवयुवक नौकरी के लिए रहते हैं। ऐसा हादसा उनके साथ नह हो, यह भी सोचना चाहिए। सही न्याय होगा तो जनता का भरोसा न्यायपालिका पर बढ़ेगा। ऐसे अपराध करने वालों को सजा मिलनी चाहिए। महाराष्ट्र सरकार ने भी न्याय का भरोसा दिलाया है।
