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MP High Court: डीजे की तेज आवाज से लोगों को आता है हार्ट अटैक, हाईकोर्ट ने नोटिस जारी कर मांगा जवाब
Wed, 23 Oct 2024 08:40 PM IST
जबलपुर ब्यूरो
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर
Published by: जबलपुर ब्यूरो
Updated Wed, 23 Oct 2024 08:40 PM IST
सार
डीजे की तेज आवाज से लोगों को हार्ट अटैक आता है। मामले पर मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
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मध्यप्रदेश हाईकोर्ट, जबलपुर
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
ध्वनि प्रदूषण के कारण बढ़ती बीमारियों को चुनौती देते हुए मध्यप्रदेश हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की गई थी। याचिका में कहा गया था कि डीजे के तेज आवाज से लोगों को हार्ट अटैक आ रहा है और ब्लड प्रेशर भी बढ़ जाता है। याचिका की सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट जस्टिस संजीव सचदेवा तथा विनय सराफ की युगलपीठ ने अनावेदकों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
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नाना देशमुख वेटनरी यूनिवर्सिटी के पूर्व कुलपति गोविंद प्रसाद मिश्रा उम्र 83 साल, सेवानिवृत्त आईएएफ अधिकारी आरपी श्रीवास्तव उम्र 100 सहित अन्य चार की तरफ से दायर याचिका में कहा गया था कि शादियों व धार्मिक आयोजन के दौरान बहुत तेज आवाज में डीजे बजाये जाते हैं। मानव शरीर 75 डेसीबल आवाज की तीव्रता सहन कर सकता है। इसके अधिक आवाज ध्वनि प्रदूषण की श्रेणी में आते हैं।
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डीजे की तीव्रता 100 डेसीबल से अधिक होती है, जिसके कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। डीजे के तेज आवाज के कारण लोगों को हार्ट अटैक आते या उनका ब्लड प्रेशर बढ़ जाता है। इसके अलावा तेज आवाज के कारण लोग बहरे हो रहे हैं। तेज आवाज में डीजे बचने के कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। याचिका में शहर की मॉडल रोड में अवैध पार्किंग का मामला भी उठाया गया था। याचिका में कहा गया था कि इस सड़क का नामकरण इस उद्देश्य के साथ किया गया था कि यह शहर की आदर्श रोड बने। इसके विपरीत सड़क टैक्सी व ऑटो के लिए अवैध पार्किंग स्थल बन गया है।
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याचिका की सुनवाई के दौरान अधिवक्ता आदित्य संघी ने याचिकाकर्ताओं का पक्ष रखते हुए युगलपीठ को बताया कि सर्वोच्च न्यायालय ने भी ध्वनि प्रदूषण को गंभीर समस्या माना है, जिसका विपरीत असर मानव जीवन पर पड़ रहा है और वह बीमारियों का शिकार हो रहे हैं। इसके अलावा मॉडल रोड में दवा बाजार स्थित है, जिसमें लगभग साठ दुकान है। परंतु पार्किंग की कोई व्यवस्था नहीं है, जिसके कारण दुकान संचालक व उनके कर्मचारी तथा आने वाले ग्राहक सड़क पर पार्किंग करते हैं।
इसके अलावा मॉडल रोड के कोई ऐसे प्रतिष्ठान हैं, जिसमें पार्किंग की व्यवस्था नहीं है। मॉर्डन लोग लोगों की आवाजाही के लिए सड़क नहीं अवैध पार्किंग स्थल बन गया है। याचिका की सुनवाई करते हुए युगलपीठ ने केन्द्र सरकार, प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड, कलेक्टर व पुलिस अधीक्षक, निगमायुक्त तथा यातायात पुलिस अधीक्षक को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। याचिका पर अगली सुनवाई दो सप्ताह बाद निर्धारित की गयी है।
