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MP News: हाउसिंग कॉरपोरेशन के ओपन कैब से करीब सात करोड़ का धान चोरी, ठेका कंपनी की बड़ी लापरवाही उजागर
Sun, 08 Jan 2023 10:36 AM IST
अंकिता विश्वकर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कटनी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कटनी
Published by: अंकिता विश्वकर्मा
Updated Sun, 08 Jan 2023 10:36 AM IST
सार
धान की देखभाल व सुरक्षा की जिम्मेदारी ठेके पर गो ग्रीन कंपनी को दी गयी थी। कंपनी ने मझगवां स्थित वेयर हाउस के अलावा ओपन कैब में धान का भंडारण किया था। कंपनी द्वारा ओपन कैब में रखी धान की सुरक्षा के लिए सिक्योरिटी की व्यवस्था नहीं की थी।
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सांकेतिक तस्वीर।
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
कटनी जिले के बडवारा थानान्तर्गत मझगवां स्थित स्टेट वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन के ओपन कैब से करोड़ों रुपये की धान चोरी होने का सनसनी खेज मामला सामने आया है। ठेका कंपनी ने धान की सुरक्षा के लिए किसी प्रकार की सिक्योरिटी के इंतजाम नहीं किये थे। जिसके लिए एसडब्ल्यूसी तथा स्थानीय पुलिस ने संबंधित कंपनी के साथ पत्राचार भी किया था।
स्टेट वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन कटनी के जिला प्रबंधक वाई एस सेंगर से प्राप्त जानकारी के अनुसार संभागीय स्तर पर क्रय की गयी धान की देखभाल व सुरक्षा की जिम्मेदारी ठेके पर गो ग्रीन कंपनी को दी गयी थी। कंपनी ने मझगवां स्थित वेयर हाउस के अलावा ओपन कैब में धान का भंडारण किया था। कंपनी द्वारा ओपन कैब में रखी धान की सुरक्षा के लिए सिक्योरिटी की व्यवस्था नहीं की थी। इस संबंध में उन्हें पत्र भी लिखा गया था। चोरी गयी धान के मूल्य की रिकवरी अनुबंध शर्तो अनुसार संबंधित कंपनी से की जायेगी।
बडवाडा थाना प्रभारी एसआई अंकित मिश्रा से प्राप्त जानकारी के अनुसार ठेकेदार कंपनी ने ओपन कैप से धान चोरी होने के संबंध में लिखित शिकायत दी थी। धान की देखभाल व सुरक्षा की जिम्मेदारी अनुबंध अनुसार ठेकेदार कंपनी की थी। ठेकेदार कंपनी ने ओपन कैब होने के बावजूद भी सुरक्षा की दृष्टि से सीसीटीवी कैमरे और फ्रेसिंग नहीं करवाई थी। सुरक्षा के लिए सिक्योरिटी गार्ड तक तैनात नहीं किये गए थे। कंपनी ने अनुबंध की शर्तो के पालन में पूरी तरह से लापरवाही बरती। कंपनी ने शिकायत में यह भी नहीं बताया था कि कितनी धान चोरी गयी है। शिकायत संदिग्ध होने के कारण पुलिस ने एफआईआर दर्ज नहीं की है।
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ठेकेदार कंपनी के प्रोजेक्ट हेड सौरभ मालवीय ने बताया कि ओपन कैप से कितनी धान चोरी गयी, इस संबंध में उन्हें जानकारी नहीं है। चोरी गयी धान के मामले में संबंधित अधिकारियों के साथ चर्चा जारी है। धान चोरी होने के संबंध में पुलिस से शिकायत की गयी थी। सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार ओपन कैब से धान की लगभग 35 हजार बोरियां चोरी गयी हैं। एक बोरी का मूल्य 1950 रुपये है। इस हिसाब से लगभग 7 करोड़ रुपये का घोटाला हुआ है। जिसे रफा दफा करने के लिए उच्च स्तर पर प्रयास जारी है।
सिक्योरिटी कर्मचारियों को नहीं किया भुगतान
सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार ठेके कंपनी ने धान की सुरक्षा की जिम्मेदारी लक्ष्य सिक्योरिटी एजेन्सी को दी थी। कंपनी ने जुलाई माह में 24 सिक्योरिटी गार्ड लगाये थे, जो आसपास के गांव में रहने वाले थे। ठेके कंपनी द्वारा सिर्फ एक माह का वेतन सिक्योरिटी गार्डस को दिया गया था। अगस्त, सितम्बर तथा अक्टूबर माह का वेतन नहीं मिलने पर सिक्योरिटी गार्ड ने 15 नवम्बर से काम बंद कर दिया था।
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स्टेट वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन कटनी के जिला प्रबंधक वाई एस सेंगर से प्राप्त जानकारी के अनुसार संभागीय स्तर पर क्रय की गयी धान की देखभाल व सुरक्षा की जिम्मेदारी ठेके पर गो ग्रीन कंपनी को दी गयी थी। कंपनी ने मझगवां स्थित वेयर हाउस के अलावा ओपन कैब में धान का भंडारण किया था। कंपनी द्वारा ओपन कैब में रखी धान की सुरक्षा के लिए सिक्योरिटी की व्यवस्था नहीं की थी। इस संबंध में उन्हें पत्र भी लिखा गया था। चोरी गयी धान के मूल्य की रिकवरी अनुबंध शर्तो अनुसार संबंधित कंपनी से की जायेगी।
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बडवाडा थाना प्रभारी एसआई अंकित मिश्रा से प्राप्त जानकारी के अनुसार ठेकेदार कंपनी ने ओपन कैप से धान चोरी होने के संबंध में लिखित शिकायत दी थी। धान की देखभाल व सुरक्षा की जिम्मेदारी अनुबंध अनुसार ठेकेदार कंपनी की थी। ठेकेदार कंपनी ने ओपन कैब होने के बावजूद भी सुरक्षा की दृष्टि से सीसीटीवी कैमरे और फ्रेसिंग नहीं करवाई थी। सुरक्षा के लिए सिक्योरिटी गार्ड तक तैनात नहीं किये गए थे। कंपनी ने अनुबंध की शर्तो के पालन में पूरी तरह से लापरवाही बरती। कंपनी ने शिकायत में यह भी नहीं बताया था कि कितनी धान चोरी गयी है। शिकायत संदिग्ध होने के कारण पुलिस ने एफआईआर दर्ज नहीं की है।
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ठेकेदार कंपनी के प्रोजेक्ट हेड सौरभ मालवीय ने बताया कि ओपन कैप से कितनी धान चोरी गयी, इस संबंध में उन्हें जानकारी नहीं है। चोरी गयी धान के मामले में संबंधित अधिकारियों के साथ चर्चा जारी है। धान चोरी होने के संबंध में पुलिस से शिकायत की गयी थी। सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार ओपन कैब से धान की लगभग 35 हजार बोरियां चोरी गयी हैं। एक बोरी का मूल्य 1950 रुपये है। इस हिसाब से लगभग 7 करोड़ रुपये का घोटाला हुआ है। जिसे रफा दफा करने के लिए उच्च स्तर पर प्रयास जारी है।
सिक्योरिटी कर्मचारियों को नहीं किया भुगतान
सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार ठेके कंपनी ने धान की सुरक्षा की जिम्मेदारी लक्ष्य सिक्योरिटी एजेन्सी को दी थी। कंपनी ने जुलाई माह में 24 सिक्योरिटी गार्ड लगाये थे, जो आसपास के गांव में रहने वाले थे। ठेके कंपनी द्वारा सिर्फ एक माह का वेतन सिक्योरिटी गार्डस को दिया गया था। अगस्त, सितम्बर तथा अक्टूबर माह का वेतन नहीं मिलने पर सिक्योरिटी गार्ड ने 15 नवम्बर से काम बंद कर दिया था।
