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Jabalpur: हाईकोर्ट के आदेश के बावजूद दर्ज केस में कार्रवाई नहीं, एसपी और दो थाना प्रभारियों को अवमानना नोटिस
Fri, 24 Mar 2023 08:51 PM IST
दिनेश शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर
Published by: दिनेश शर्मा
Updated Fri, 24 Mar 2023 08:51 PM IST
सार
याचिका में कहा गया था पीड़ित तथा उनके परिवार के बयान लिए बिना ही पुलिस ने न्यायालय में खात्मा रिपोर्ट पेश कर दी थी। न्यायालय ने पुलिस की खात्मा रिपोर्ट को अस्वीकार करते हुए कार्रवाई के निर्देश दिए थे।
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(सांकेतिक तस्वीर)
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
हाईकोर्ट के आदेश पर प्रकरण दर्ज करने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं किए जाने के खिलाफ अवमानना याचिका दायर की गई थी। हाईकोर्ट जस्टिस एमएस भट्टी की एकलपीठ ने पुलिस अधीक्षक जबलपुर सहित दो थाना प्रभारियों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
बता दें कि याचिकाकर्ता मौसम पासी की तरफ से दायर की गई याचिका में कहा गया था कि उनकी शिकायत पर कैंट बोर्ड के स्वास्थ्य निरीक्षक अभिजीत परिहार के खिलाफ एसटी-एससी एक्ट सहित अन्य धाराओं के तहत पुलिस ने प्रकरण दर्ज किया था। स्वास्थ्य निरीक्षक के रसूख के कारण पुलिस उसके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं कर रही थी। जिसके खिलाफ उन्होंने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। याचिका की सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने निर्धारित समय अवधि में निष्पक्ष कार्रवाई के निर्देश दिए थे।
दायर अवमानना याचिका में कहा गया था पीड़ित तथा उनके परिवार के बयान लिए बिना ही पुलिस ने न्यायालय में खात्मा रिपोर्ट पेश कर दी थी। न्यायालय ने पुलिस की खात्मा रिपोर्ट को अस्वीकार करते हुए कार्रवाई के निर्देश दिए थे। पुलिस द्वारा प्रकरण में कार्रवाई नहीं करने के कारण उक्त अवमानना याचिका दायर की गई है। याचिका की सुनवाई के बाद एकलपीठ ने पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ बहुगुणा, टीआई विजय तिवारी तथा टीआई अरविंद चौबे को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
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बता दें कि याचिकाकर्ता मौसम पासी की तरफ से दायर की गई याचिका में कहा गया था कि उनकी शिकायत पर कैंट बोर्ड के स्वास्थ्य निरीक्षक अभिजीत परिहार के खिलाफ एसटी-एससी एक्ट सहित अन्य धाराओं के तहत पुलिस ने प्रकरण दर्ज किया था। स्वास्थ्य निरीक्षक के रसूख के कारण पुलिस उसके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं कर रही थी। जिसके खिलाफ उन्होंने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। याचिका की सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने निर्धारित समय अवधि में निष्पक्ष कार्रवाई के निर्देश दिए थे।
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दायर अवमानना याचिका में कहा गया था पीड़ित तथा उनके परिवार के बयान लिए बिना ही पुलिस ने न्यायालय में खात्मा रिपोर्ट पेश कर दी थी। न्यायालय ने पुलिस की खात्मा रिपोर्ट को अस्वीकार करते हुए कार्रवाई के निर्देश दिए थे। पुलिस द्वारा प्रकरण में कार्रवाई नहीं करने के कारण उक्त अवमानना याचिका दायर की गई है। याचिका की सुनवाई के बाद एकलपीठ ने पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ बहुगुणा, टीआई विजय तिवारी तथा टीआई अरविंद चौबे को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
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