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Hospital Fire Case: कोर्ट ने कहा- एक्शन टेकन रिपोर्ट में नहीं दी FIR की वर्तमान स्थिति के संबंध में जानकारी

Wed, 03 Jan 2024 07:12 PM IST
अरविंद कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर Published by: अरविंद कुमार Updated Wed, 03 Jan 2024 07:12 PM IST
सार

New Life Hospital Fire Case: बिल्डिंग का कार्य पूरा होने का प्रमाण-पत्र नहीं होने के बावजूद भी अस्पताल संचालन की अनुमति प्रदान की गई है। भौतिक सत्यापन किए बिना अस्पताल संचालन की अनुमति प्रदान की गई है।

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New Life Hospital Fire Case Information regarding current status of FIR not given in action taken report
मध्यप्रदेश हाईकोर्ट, जबलपुर - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

जबलपुर में न्यू लाइफ मल्टी स्पेशयलिटी हॉस्पिटल अग्निकांड में हुई आठ व्यक्तियों की मौत तथा नियम विरूध्द तरीके से अस्पताल के संचालन को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई थी। याचिका की सुनवाई के दौरान सरकार की तरफ से पेश की गई एक्शन टेकन रिपोर्ट पर याचिकाकर्ता की तरफ से आपत्ति पेश की गई। हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस रवि विजय कुमार मलिमठ तथा जस्टिस विशाल मिश्रा ने याचिकाकर्ता को निर्देश दिए हैं कि जिन बिंदुओं की जानकारी से वह संतुष्ट नहीं हैं, उस संबंध में लिखित आपत्ति पेश करें।

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लॉ स्टूडेंट एसोसिएशन के प्रेसिडेंट विशाल बघेल, शैलेन्द्र बारी और अन्य की तरफ से दायर याचिका में जबलपुर में नियम विरूद्ध तरीके से प्राइवेट अस्पताल को संचालन की अनुमति प्रदान किए जाने को चुनौती दी गई थी। याचिका में कहा गया था कि नियमों को ताक पर रखकर संचालित न्यू लाइफ अस्पताल में हुए अग्नि हादसे में आठ व्यक्तियों की मौत हो गई थी। आपालकानील द्वारा नहीं होने के कारण लोग बाहर तक नहीं निकल पाए थे।
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कोरोना काल में विगत तीन साल में 65 निजी अस्पतालों को संचालन की अनुमति दी गई है, जिन अस्पतालों को अनुमति दी गयी है, उनमें नेशनल बिल्डिंग कोड, फायर सिक्योरिटी के नियमों का पालन नहीं किया गया है। जमीन के उपयोग का उद्देश्य दूसरा होने के बावजूद भी अस्पताल संचालन की अनुमति दी गयी है। बिल्डिंग का कार्य पूर्ण होने का प्रमाण-पत्र नहीं होने के बावजूद भी अस्पताल संचालन की अनुमति प्रदान की गई है। भौतिक सत्यापन किए बिना अस्पताल संचालन की अनुमति प्रदान की गई है।
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याचिका पर हुई पिछली सुनवाई के दौरान सरकार की तरफ से एक्शन टेकन रिपोर्ट पेश की गई थी। याचिकाकर्ताओं की तरफ से आपत्ति पेश करते हुए बताया गया कि एक्शन टेकन रिपोर्ट में एफआईआर की वर्तमान स्थिति के संबंध में कोई जानकारी नहीं दी गई है। इसके अलावा नियम विरूध्द तरीके से अस्पताल संचालित करने की अनुमति देने वाले कितने अधिकारियों के खिलाफ क्या एक्शन लिया गया, इसकी भी जानकारी नहीं है। किन अस्पतालों पर एक्शन लिया गया, इस संबंध में भी कोई जानकारी नहीं है। सुनवाई के बाद युगलपीठ ने आदेष जारी करते हुए अगली सुनवाई चार सप्ताह बाद निर्धारित की है।

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