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NEET: नीट परीक्षा में हुआ भाई-भतीजावाद व भ्रष्टाचार, हाईकोर्ट करेगा जुलाई के पहले सप्ताह में विस्तृत सुनवाई

Fri, 14 Jun 2024 08:35 PM IST
दिनेश शर्मा अमर उजाला, न्यूज डेस्क, जबलपुर
अमर उजाला, न्यूज डेस्क, जबलपुर Published by: दिनेश शर्मा Updated Fri, 14 Jun 2024 08:35 PM IST
सार

नीट यूजी परीक्षा को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट में दो याचिकाएं दायर की गई हैं। याचिकाओं में नीट परीक्षा में भाई-भतीजावाद तथा भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए उच्च स्तरीय कमेटी से जांच की मांग की गई है। 

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NEET: Nepotism and corruption in NEET exam, High Court will conduct detailed hearing in the first week of July
NEET Result - फोटो : Amar ujala graphics

विस्तार

नीट यूजी परीक्षा को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट में दो याचिकाएं दायर की गई हैं। याचिकाओं में नीट परीक्षा में भाई-भतीजावाद तथा भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए उच्च स्तरीय कमेटी से जांच की मांग की गई है। हाईकोर्ट के एक्टिव चीफ जस्टिस शील नागू तथा जस्टिस अमरनाथ केसरवानी ने दोनों याचिकाओं पर जुलाई के पहले सप्ताह में विस्तृत सुनवाई करने के आदेश जारी किए हैं।
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जबलपुर निवासी अमीशी वर्मा की तरफ से दायर की गई याचिका में कहा है कि वह नीट यूजी परीक्षा 2024 में शामिल हुई थी। उसे 720 अंक में से 615 अंक प्राप्त हुए थे। उसे व्यक्तिगत तथा विशेषज्ञों की गणना अनुसार अधिक अंक मिलने की उम्मीद थी। याचिका में कहा गया था कि परीक्षा परिणाम में 67 छात्रों को शत प्रतिशत अंक मिले हैं। एक ही कोचिंग संस्थान में 6 छात्रों को शत प्रतिशत अंक तथा दो को 718 व 719 अंक प्राप्त हुए हैं। सभी के नाम व रोल नम्बर में सामान्य हैं। याचिका में कहा गया था कि गलत उत्तर देने पर चार अंक काटे जाते हैं। दो छात्रों को 718 व 719 अंक कैसे मिल सकते हैं। उनका एक उत्तर गलत था तो चार नम्बर काटकर 716 अंक मिलने चाहिए थे। सभी उत्तर सभी थे तो 720 अंक मिलने चाहिए थे।
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याचिका में कहा गया था कि एम्स का कट ऑफ मार्क्स 717 है। एक संस्थान के छात्रों को उपकृत करने के लिए परीक्षा में भाई-भतीजावाद व भ्रष्टाचार किया गया है। याचिका में राहत चाही गई थी कि उच्च न्यायालय की निगरानी में उच्च स्तरीय कमेटी जांच करे तथा चयनित छात्रों को अस्थायी तौर पर दाखिला दिया जाए।
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