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MP News: एक साथ किया जा सकता है डिग्री-डिप्लोमा कोर्स, HC ने दिए ग्राम सहायक रोजगार पद पर नियुक्ति के आदेश
Wed, 13 Mar 2024 09:50 PM IST
अरविंद कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर
Published by: अरविंद कुमार
Updated Wed, 13 Mar 2024 09:50 PM IST
सार
डिग्री और डिप्लोमा कोर्स एक साथ किया जा सकता है। वहीं, हाईकोर्ट ने ग्राम सहायक रोजगार पद पर नियुक्ति के आदेश दिए हैं।
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मध्यप्रदेश हाईकोर्ट, जबलपुर
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
डिग्री तथा आंशिक डिप्लोमा कोर्स एक साथ किए जाने के आधार पर नियुक्ति से वंचित किए जाने को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई थी। जस्टिस विवेक अग्रवाल की एकलपीठ ने याचिका की सुनवाई करते हुए कहा कि डिग्री व डिप्लोमा कोर्स में अंतर होता है। एकलपीठ ने याचिका कर्ता को 15 दिनों में ग्राम सहायक रोजगार पद नियुक्ति प्रदान करने के आदेश जारी किए हैं।
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सीधी निवासी राजेश कुमार मिश्रा की तरफ से साल 2014 में दायर याचिका में कहा गया था कि उसने ग्राम सेमरी में ग्राम सहायक रोजगार के पद पर नियुक्ति के लिए आवेदन किया था। उसके अंक 133.83 अंक मिले थे। नियुक्ति उससे कम योग्यता रखने वाले अनावेदक अनिल कुमार वर्मा को प्रदान की दी, जिसके कुछ 117.33 अंक प्राप्त हुए थे। उसके खिलाफ उसने अतिरिक्त कलेक्टर के समक्ष अपील दायर की थी। अतिरिक्त कलेक्टर ने इस आधार पर अपील की खारिज कर दिया कि उसने कम्प्यूटर डिप्लोमा 2001 में तथा बी.काॅम की डिग्री 2002 में प्राप्त की थी।
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याचिकाकर्ता की तरफ से एकलपीठ को बताया गया कि उसने दो अलग-अलग संस्थान से डिग्री व अंशकालीन डिप्लोमा किया था। माखनलाल चतुर्वेदी विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार ने अंशकालीन कम्प्युटर करने के संबंध में पुष्टि की है। इसके अलावा यूजीसी ने इस प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया है कि डिग्री व डिप्लोमा एक साथ किया जा सकता है। एकलपीठ को बताया गया कि लम्बे समय बाद नियुक्ति में खलल नहीं डालना चाहिये। एकलपीठ ने अपने आदेश में इस तर्क को खारिज करते हुए कहा कि याचिका पर सुनवाई लंबित थी। एकलपीठ ने याचिकाकर्ता को राहत प्रदान करते हुए 15 दिनों में नियुक्ति प्रदान करने के आदेश जारी किए हैं।
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