फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Jabalpur News ›   MP High Court imposed a cost of ten thousand on the state government

MP News: हाईकोर्ट ने राज्य सरकार पर लगाई दस हजार की कॉस्ट, अंतिम अवसर देने के बावजूद नहीं पेश नहीं किया जवाब

Mon, 12 Jun 2023 09:43 PM IST
दिनेश शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर Published by: दिनेश शर्मा Updated Mon, 12 Jun 2023 09:43 PM IST
सार

आवेदकों का कहना है कि सिर्फ विशेष परिस्थितियों में कार्यकाल को तीन साल या फिर साढ़े तीन साल तक बढ़ाया जा सकता है, लेकिन चार साल से अधिक का समय गुजर जाने के बावजूद भी चुनावी प्रकिया प्रारंभ नहीं की गई, जो अवैधानिक है। 

विज्ञापन
MP High Court imposed a cost of ten thousand on the state government
मध्यप्रदेश हाईकोर्ट - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

प्रदेश में कृषि उपज मंडी का कार्यकाल समाप्त होने के बावजूद भी नए चुनाव नहीं करवाए जाने के खिलाफ याचिका दायर की गई थी। हाईकोर्ट ने पिछली सुनवाई के दौरान सरकार को जवाब पेश करने के लिए अंतिम अवसर प्रदान किया था। याचिका पर सोमवार को हुई सुनवाई के दौरान सरकार की तरफ से जवाब पेश नहीं किया गया। हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस रवि विजय मलिमथ व जस्टिस विशाल मिश्रा ने इस गंभीरता से लेते हुए सरकार पर दस हजार रुपये की कॉस्ट लगाई है।
विज्ञापन


याचिकाकर्ता मनीष शर्मा, नरसिंहपुर निवासी पवन कौरव, जबलपुर निवासी राजेश कुमार वर्मा सहित अन्य की तरफ से दायर याचिका में कहा गया था कि मंडी चुनाव वर्ष 2013 में संपन्न हुए थे। जिसका कार्यकाल वर्ष 2018 में समाप्त हो गया है, परंतु अभी तक नये चुनाव नहीं करवाए गए हैं। मंडी बोर्ड अधिनियम में प्रावधान है कि कार्यकाल समाप्त होने के पूर्व यानी पांच साल से पहले नये चुनाव होने चाहिए, लेकिन ऐसा नहीं किया गया। आवेदकों का कहना है कि सिर्फ विशेष परिस्थितियों में कार्यकाल को तीन साल या फिर साढ़े तीन साल तक बढ़ाया जा सकता है, लेकिन चार साल से अधिक का समय गुजर जाने के बावजूद भी चुनावी प्रकिया प्रारंभ नहीं की गई, जो अवैधानिक है। चुनाव न कराना  मतदाताओं के मौलिक अधिकारों का उल्लंघन है। पिछली सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने जवाब पेश करने के लिए अंतिम अवसर प्रदान किया था। सरकार द्वारा जवाब पेश नहीं करने को गंभीरता से लेते हुए हाईकोर्ट ने राज्य सरकार पर दस हजार रुपये की कॉस्ट लगाई है। याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता दिनेश उपाध्याय ने पक्ष रखा। 
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed