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MP High Court: बिना जांच कैसे कर दिया सेवा से बर्खास्त, हाईकोर्ट ने पुलिस के आला अधिकारियों से मांगा जवाब
Sat, 09 Dec 2023 09:30 PM IST
अरविंद कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर
Published by: अरविंद कुमार
Updated Sat, 09 Dec 2023 09:30 PM IST
सार
MP High Court: बिना जांच हुए सेवा से बर्खास्त किए जाने के मामले में जबलपुर हाईकोर्ट सख्त नजर आया। कोर्ट ने कहा, बिना जांच किए सेवा से बर्खास्त कैसे कर दिया। हाईकोर्ट ने पुलिस के आला अधिकारियों से जवाब मांगा है।
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जबलपुर हाईकोर्ट
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने पुलिस के आला अधिकारियों से पूछा है कि एक होमगार्ड सैनिक को बिना जांच सेवा से क्यों बर्खास्त किया गया। जस्टिस एमएस भट्टी की एकलपीठ ने गृह विभाग के प्रमुख सचिव, एडिशनल इंस्पेक्टर जनरल छिंदवाड़ा, पुलिस अधीक्षक, डिविजनल कमांडेंट होमगार्ड जबलपुर और अन्य को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।
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छिंदवाड़ा जिले के जगनु पर्तेती की ओर से अधिवक्ता विहाग दुबे ने पक्ष रखा, जिन्होंने न्यायालय को बताया कि याचिकाकर्ता और एक अन्य पुलिसकर्मी की ड्यूटी मालखाने में लगी थी। वहां से एक पिस्टल गायब मिलने पर याचिकाकर्ता के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई। उस पर पिस्टल चोरी का आरोप लगाया गया। इसके बाद उसे दो मार्च 2021 को सेवा से बर्खास्त कर दिया गया।
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याचिकाकर्ता की ओर से कहा गया कि एक सिपाही ड्यूटी के लिए पिस्टल को ले गया था और मालखाने में जमा किए बगैर ही वह छुट्टी पर चला गया। इस बीच याचिकाकर्ता के खिलाफ झूठा प्रकरण दर्ज कर दिया गया। इसके बाद संबंधित सिपाही ने पिस्टल मालखाने में जमा भी करा दी। इसके बावजूद याचिकाकर्ता को बहाल नहीं किया गया। सुनवाई पश्चात न्यायालय ने अनावेदकों को नोटिस जारी कर जवाब पेश करने के निर्देश दिए हैं।
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