{"_id":"65354cc423985e49cb0c8785","slug":"mp-election-mlas-from-two-families-were-elected-from-this-seat-of-balaghat-in-five-decades-2023-10-22","type":"story","status":"publish","title_hn":"MP Election: बालाघाट की इस सीट से पांच दशकों में दो परिवार से निर्वाचित हुए विधायक, इस बार भी दोनों में टक्कर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
MP Election: बालाघाट की इस सीट से पांच दशकों में दो परिवार से निर्वाचित हुए विधायक, इस बार भी दोनों में टक्कर
Sun, 22 Oct 2023 09:54 PM IST
दिनेश शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बालाघाट
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बालाघाट
Published by: दिनेश शर्मा
Updated Sun, 22 Oct 2023 09:54 PM IST
सार
बैहर विधानसभा सीट बालाघाट जिले की एकमात्र अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित सीट है। यहां अब तक दो ही परिवार के लोग विधायक बनते आए हैं। इस बार भी इन्हीं परिवारों से विधायक चुना जाएगा।
विज्ञापन
MP Election 2023
- फोटो : अमर उजाला, इंदौर
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
बालाघाट जिले की बैहर विधानसभा सीट में पिछले पांच दशकों में दो परिवार के व्यक्ति विधायक निर्वाचित हो रहे हैं। इस विधानसभा चुनाव में कांग्रेस व भाजपा ने इन्हीं परिवार के सदस्यों को चुनाव मैदान में उतारा है। यानी इस बार भी इन्हीं परिवारों में से विधायक चुना जाएगा।
बता दें कि बैहर विधानसभा सीट बालाघाट जिले की एकमात्र अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित सीट है। स्व. सुधन्वा सिंह नेताम इस सीट से साल 1972 में भारतीय जनसंघ तथा साल 1977 में जनता पार्टी से विधायक निर्वाचित हुए थे। साल 1980 तथा साल 1985 में हुए विधानसभा चुनाव में भाजपा ने उन्हें प्रत्याशी बनाया था। दोनों चुनाव में उन्हें कांग्रेस प्रत्याशी गनपत उइके से पराजय का सामना करना पड़ा। 1990 में हुए विधानसभा चुनाव में उन्होंने भाजपा प्रत्याशी के रूप में कांग्रेस के देवलाल भास्कर को पराजित किया।
साल 1993 तथा 1998 में हुए विधानसभा चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी गनपत सिंह उइके विजयी हुए। उन्होंने साल 1993 में भाजपा प्रत्याशी सुधन्वा सिंह नेताम तथा साल 1998 में भाजपा प्रत्याषी बुधसिंह धुर्वे को पराजित किया। साल 2003 में हुए विधानसभा चुनाव में भाजपा ने सुधन्वा सिंह नेताम के पुत्र भगत सिंह नेताम को चुनाव मैदान में उतारा और वे विजयी हुए। उन्होंने कांग्रेस प्रत्याशी गनपत उइके को पराजित किया था। साल 2008 में हुए विधानसभा चुनाव में उनके सामने कांग्रेस प्रत्याशी के रूप में गनपत सिंह उइके के पुत्र संजय उइके थे। इस विधानसभा चुनाव में भी भाजपा प्रत्याशी के रूप में भगत सिंह ने विजय हासिल की।
विज्ञापन
कांग्रेस प्रत्याशी के रूप में संजय उइके ने साल 2013 तथा साल 2018 में हुए विधानसभा में जीत हासिल की। उन्होने साल 2013 में भाजपा प्रत्याशी भगत सिंह नेताम को तथा साल 2018 में उनकी पत्नी अनुपमा नेताम को पराजित किया। पिछले 51 साल में हुए 11 विधानसभा चुनाव में उइके परिवार 6 बार तथा नेताम परिवार 5 बार विधानसभा चुनाव में विजयी रहा है। इस विधानसभा चुनाव में कांग्रेस पार्टी ने संजय उइके तथा भाजपा ने भगत सिंह नेताम को प्रत्याशी बनाया है।
विज्ञापन
बता दें कि बैहर विधानसभा सीट बालाघाट जिले की एकमात्र अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित सीट है। स्व. सुधन्वा सिंह नेताम इस सीट से साल 1972 में भारतीय जनसंघ तथा साल 1977 में जनता पार्टी से विधायक निर्वाचित हुए थे। साल 1980 तथा साल 1985 में हुए विधानसभा चुनाव में भाजपा ने उन्हें प्रत्याशी बनाया था। दोनों चुनाव में उन्हें कांग्रेस प्रत्याशी गनपत उइके से पराजय का सामना करना पड़ा। 1990 में हुए विधानसभा चुनाव में उन्होंने भाजपा प्रत्याशी के रूप में कांग्रेस के देवलाल भास्कर को पराजित किया।
विज्ञापन
साल 1993 तथा 1998 में हुए विधानसभा चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी गनपत सिंह उइके विजयी हुए। उन्होंने साल 1993 में भाजपा प्रत्याशी सुधन्वा सिंह नेताम तथा साल 1998 में भाजपा प्रत्याषी बुधसिंह धुर्वे को पराजित किया। साल 2003 में हुए विधानसभा चुनाव में भाजपा ने सुधन्वा सिंह नेताम के पुत्र भगत सिंह नेताम को चुनाव मैदान में उतारा और वे विजयी हुए। उन्होंने कांग्रेस प्रत्याशी गनपत उइके को पराजित किया था। साल 2008 में हुए विधानसभा चुनाव में उनके सामने कांग्रेस प्रत्याशी के रूप में गनपत सिंह उइके के पुत्र संजय उइके थे। इस विधानसभा चुनाव में भी भाजपा प्रत्याशी के रूप में भगत सिंह ने विजय हासिल की।
विज्ञापन
कांग्रेस प्रत्याशी के रूप में संजय उइके ने साल 2013 तथा साल 2018 में हुए विधानसभा में जीत हासिल की। उन्होने साल 2013 में भाजपा प्रत्याशी भगत सिंह नेताम को तथा साल 2018 में उनकी पत्नी अनुपमा नेताम को पराजित किया। पिछले 51 साल में हुए 11 विधानसभा चुनाव में उइके परिवार 6 बार तथा नेताम परिवार 5 बार विधानसभा चुनाव में विजयी रहा है। इस विधानसभा चुनाव में कांग्रेस पार्टी ने संजय उइके तथा भाजपा ने भगत सिंह नेताम को प्रत्याशी बनाया है।
| साल | विजय प्रत्याशी | पार्टी | मत | पराजित प्रत्याशी | पार्टी | मत |
| 2008 | भगत सिंह नेताम | भाजपा | 37639 | संजय उइके | कांग्रेस | 32922 |
| 2013 | संजय उइके | कांग्रेस | 82419 | भगत सिंह नेताम | भाजपा | 50067 |
| 2018 | संजय उइके | कांग्रेस | 79399 | अनुपमा भगत | भाजपा | 62919 |
