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Jabalpur News: जबलपुर में जली सबसे अधिक पराली, कलेक्टर के आदेश के बाद भी दर्ज नहीं हुई एक भी एफआईआर
Sun, 24 Nov 2024 11:19 AM IST
जबलपुर ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर
Published by: जबलपुर ब्यूरो
Updated Sun, 24 Nov 2024 11:19 AM IST
सार
जिला कलेक्टर दीपक सक्सेना ने गुरुवार को पराली जलाने वालों के खिलाफ वायु प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण अधिनियम 1981 के तहत कार्रवाई के आदेश जारी किए थे। इसके बाद भी पराली जलाने वालों के खिलाफ एक भी एफआईआर दर्ज नहीं हुई है।
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विस्तार
डाटा रिपोर्ट के अनुसार, मध्य प्रदेश में शुक्रवार को सबसे अधिक पराली जबलपुर में जलाई गई। कलेक्टर ने एक दिन पूर्व गुरुवार को पराली जलाने वालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के आदेश जारी किए थे। इसके बाद भी पराली जलाने के मामलों में पुलिस ने एक भी एफआईआर दर्ज नहीं की।
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भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान, नई दिल्ली की एक अंतः विषय अनुसंधान पहल कंसोर्टियम फॉर रिसर्च ऑन एग्रो-इकोसिस्टम मॉनिटरिंग एंड मॉडलिंग फ्रॉम स्पेस के डेटा से पता चलता है कि इस साल 15 सितंबर से 22 नवंबर के बीच मध्य प्रदेश में धान की पराली जलाने की कुल 13,309 घटनाएं दर्ज की गईं। साल 2021 की तुलना में इस साल पराली जलाने की घटनाओं में तीन गुना वृद्धि हुई है। मध्य प्रदेश पराली जलाने के मामलों में देश में सबसे ऊपर है।
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डाटा रिपोर्ट के अनुसार, शुक्रवार को जबलपुर में पराली जलाने की 137 घटनाएं दर्ज की गईं। वहीं, शुक्रवार को पूरे मध्य प्रदेश में पराली जलाने की कुल 396 घटनाएं दर्ज की गईं। आंकड़ों के अनुसार, प्रदेश में पराली जलाने की घटनाओं में करीब 36 प्रतिशत जबलपुर में जलाई गई है।
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जिला कलेक्टर दीपक सक्सेना ने गुरुवार को पराली जलाने वालों के खिलाफ वायु (प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण) अधिनियम, 1981 के तहत दंडात्मक कार्रवाई के आदेश जारी किए थे। इसके बावजूद पराली जलाने वालों के खिलाफ एक भी एफआईआर दर्ज नहीं हुई है। इस संबंध में संबंधित अधिकारियों का कहना है कि डाटा के संबंध में उन्हें जानकारी प्राप्त हुई है। मामले की जांच जारी है और विधि अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
