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Madhya Pradesh: इंटरविनर बनने का आवेदन खारिज होने के बाद लगाई जनहित याचिका, हाईकोर्ट ने जताई नाराजगी
Fri, 19 Aug 2022 04:02 PM IST
दिनेश शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर
Published by: दिनेश शर्मा
Updated Fri, 19 Aug 2022 04:02 PM IST
सार
याचिकाकर्ता ने इंटरविनर बनाए जाने का आवेदन खारिज होने की जानकारी याचिका में नहीं दी है। हाईकोर्ट ने नाराजगी व्यक्त करते हुए 25 हजार की कॉस्ट के साथ याचिका को खारिज कर दिया।
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मध्य प्रदेश हाईकोर्ट (फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
इंटरविनर आवेदन खारिज होने के बाद उसी मुद्दे पर जनहित याचिका दायर करने को हाईकोर्ट ने गंभीरता से लिया है। हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस रवि विजय कुमार मलिमथ तथा जस्टिस विशाल मिश्रा की युगलपीठ ने याचिका खारिज करते हुए 25 हजार रुपये की कॉस्ट लगाई है।
याचिकाकर्ता महेश मलिक की तरफ से दायर की गई याचिका में वजीव-उल-उर्ज की जमीन पर बाउंड्री वॉल के निर्माण कार्य में लगी रोक हटाने की राहत चाही गई थी। याचिका की सुनवाई के दौरान युगलपीठ ने पाया कि शुक्ला परिवार के लोगों में जमीन को लेकर विवाद चल रहा है। जिस संबंध में हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई थी, जो लंबित है। उक्त याचिका में इंटरविनर बनने के लिए याचिकाकर्ता ने आवेदन दायर किया था। दोनों पक्ष ने आपत्ति दर्ज करते हुए बताया था कि आवेदक व उनके बीच दिवानी प्रकरण चल रहा है। जिसके बाद हाईकोर्ट ने आवेदन खारिज कर दिया था।
युगलपीठ ने पाया कि याचिकाकर्ता ने शुक्ला परिवार के साथ दिवानी प्रकरण चलने तथा इंटरविनर बनाए जाने का आवेदन खारिज होने की जानकारी याचिका में नहीं दी है। युगलपीठ ने नाराजगी व्यक्त करते हुए 25 हजार की कॉस्ट के साथ याचिका को खारिज कर दिया।
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याचिकाकर्ता महेश मलिक की तरफ से दायर की गई याचिका में वजीव-उल-उर्ज की जमीन पर बाउंड्री वॉल के निर्माण कार्य में लगी रोक हटाने की राहत चाही गई थी। याचिका की सुनवाई के दौरान युगलपीठ ने पाया कि शुक्ला परिवार के लोगों में जमीन को लेकर विवाद चल रहा है। जिस संबंध में हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई थी, जो लंबित है। उक्त याचिका में इंटरविनर बनने के लिए याचिकाकर्ता ने आवेदन दायर किया था। दोनों पक्ष ने आपत्ति दर्ज करते हुए बताया था कि आवेदक व उनके बीच दिवानी प्रकरण चल रहा है। जिसके बाद हाईकोर्ट ने आवेदन खारिज कर दिया था।
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युगलपीठ ने पाया कि याचिकाकर्ता ने शुक्ला परिवार के साथ दिवानी प्रकरण चलने तथा इंटरविनर बनाए जाने का आवेदन खारिज होने की जानकारी याचिका में नहीं दी है। युगलपीठ ने नाराजगी व्यक्त करते हुए 25 हजार की कॉस्ट के साथ याचिका को खारिज कर दिया।
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