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Madhya Pradesh: नगर पालिका अध्यक्ष के लिए प्रत्यक्ष चुनाव की मांग संबंधित याचिका खारिज
Sat, 25 Jun 2022 09:08 PM IST
दिनेश शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर
Published by: दिनेश शर्मा
Updated Sat, 25 Jun 2022 09:08 PM IST
सार
याचिका में राहत चाही गई थी कि महापौर की तरह नगर पालिका अध्यक्ष के चुनाव भी प्रत्यक्ष प्रणाली से कराए जाएं। हाईकोर्ट ने पूर्व में पारित आदेश को यथावत रखते हुए याचिका को खारिज कर दिया।
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मध्य प्रदेश हाईकोर्ट (फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
महापौर की तरह ही नगर पालिका अध्यक्ष का चुनाव भी प्रत्यक्ष प्रणाली से करवाए जाने की मांग करते हुए हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई थी। हाईकोर्ट जस्टिस अतुल श्रीधरन तथा जस्टिस विशाल मिश्रा की युगलपीठ को सुनवाई के दौरान बताया गया कि पूर्व में इस संबंध में दायर याचिका खारिज हो चुकी है। युगलपीठ ने पूर्व में पारित आदेश को यथावत रखते हुए याचिका को खारिज कर दिया।
बता दें कि नागरिक उपभोक्ता मार्गदर्शक मंच के डॉ. पीजी नाजपांडे व एक अन्य की तरफ से दायर याचिका में कहा गया है कि राज्य सरकार ने नगर पालिका नियम की धारा 9 में संशोधन कर नगर निगम के महापौर का चुनाव प्रत्यक्ष प्रणाली तथा नगर पालिका अध्यक्ष का चुनाव पार्षदों द्वारा कराने का निर्णय लिया है। इस संबंध में सरकार द्वारा अधिसूचना जारी की गई है। याचिका में राहत चाही गई थी कि महापौर की तरह नगर पालिका अध्यक्ष के चुनाव भी प्रत्यक्ष प्रणाली से कराए जाएं।
याचिका में कहा गया है कि दोनों की कार्यप्रणाली में कोई अंतर नहीं है। राज्य सरकार ने इस निर्णय में भेदभाव किया है। प्रदेश में 16 नगर निगम में महापौर जनता द्वारा चुने जाएंगे। 99 नगर पालिका अध्यक्ष पद का चुनाव पार्षद करेंगे। याचिका में विधि एवं विधायी कार्य विभाग व नगरीय प्रशासन विभाग को अनावेदक बनाया गया था। याचिका की सुनवाई के बाद युगलपीठ ने याचिका को खारिज कर दिया।
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बता दें कि नागरिक उपभोक्ता मार्गदर्शक मंच के डॉ. पीजी नाजपांडे व एक अन्य की तरफ से दायर याचिका में कहा गया है कि राज्य सरकार ने नगर पालिका नियम की धारा 9 में संशोधन कर नगर निगम के महापौर का चुनाव प्रत्यक्ष प्रणाली तथा नगर पालिका अध्यक्ष का चुनाव पार्षदों द्वारा कराने का निर्णय लिया है। इस संबंध में सरकार द्वारा अधिसूचना जारी की गई है। याचिका में राहत चाही गई थी कि महापौर की तरह नगर पालिका अध्यक्ष के चुनाव भी प्रत्यक्ष प्रणाली से कराए जाएं।
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याचिका में कहा गया है कि दोनों की कार्यप्रणाली में कोई अंतर नहीं है। राज्य सरकार ने इस निर्णय में भेदभाव किया है। प्रदेश में 16 नगर निगम में महापौर जनता द्वारा चुने जाएंगे। 99 नगर पालिका अध्यक्ष पद का चुनाव पार्षद करेंगे। याचिका में विधि एवं विधायी कार्य विभाग व नगरीय प्रशासन विभाग को अनावेदक बनाया गया था। याचिका की सुनवाई के बाद युगलपीठ ने याचिका को खारिज कर दिया।
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