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Jabalpur News: आउट ऑफ टर्न प्रमोशन पर हाईकोर्ट सख्त, स्टेट बार काउंसिल सचिव की नियुक्ति रद्द
Sat, 20 Dec 2025 08:24 AM IST
जबलपुर ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर
Published by: जबलपुर ब्यूरो
Updated Sat, 20 Dec 2025 08:24 AM IST
सार
नियम विरुद्ध आउट ऑफ टर्न प्रमोशन से लोअर डिवीजन क्लर्क को सचिव बनाए जाने पर हाईकोर्ट ने नियुक्ति असंवैधानिक ठहराई। योग्यता और चयन प्रक्रिया के बिना पदोन्नति को अधिवक्ता अधिनियम का उल्लंघन मानते हुए सचिव व सहायक सचिव की नियुक्ति रद्द कर दी गई।
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जबलपुर हाईकोर्ट।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
नियम विरुद्ध तरीके से आउट ऑफ टर्न प्रमोशन देकर लोअर डिवीजन क्लर्क को स्टेट बार काउंसिल का सचिव बनाये जाने के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई थी। हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा तथा जस्टिस विनय सराफ ने बिना योग्यता और चयन प्रक्रिया के बिना सचिव पद पर नियुक्ति को असंवैधानिक करार दिया है। युगलपीठ ने सचिव को पद से हटाने के आदेश जारी किये हैं।
स्टेट बार काउंसिल सदस्य शैलेंद्र वर्मा, अहादुल्ला उस्मानी सहित अन्य पांच की तरफ से दायर की गई। याचिका में कहा गया था कि लोअर डिवीजन क्लर्क के पद पर पदस्थ गीता शुक्ला को नियम विरूद्ध तरीके से प्रमोशन देकर स्टेट बार काउंसिल ने 31 जनवरी 2022 को सहायक सचिव के पद पर पदोन्नत किया। योग्यता नहीं होने के बावजूद भी उन्हें 6 पदों का प्रमोशन देकर सहायक सचिव बनाया गया था।
इसके बाद 9 जुलाई 2024 को उन्हें सचिव बना दिया गया। स्टेट बार काउंसलिंग ने साल 2019 में सहायक सचिव पद के लिए परीक्षा का आयोजन किया था। उक्त परीक्षा में गीता शुक्ला भी शामिल हुई थी और उन्हें सिर्फ पांच अंक प्राप्त हुए थे और उनकी रैंकिंग 12 थी। पांच साल के अधिवक्ता का अनुभव नहीं होने के बावजूद भी वह परीक्षा में शामिल हुई थी।
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युगलपीठ ने अपने आदेश में कहा है कि सचिव महत्वपूर्ण पद है और इस पद पर नियुक्ति के लिए योग्यताएं और नियमों निर्धारित है। नियुक्ति से पहले उन्हें पूरा करना अनिवार्य है। स्टेट बार काउंसिल ने गीता शुक्ला को सहायक सचिव और सचिव के पद पर नियुक्त कर अधिवक्ता अधिनियम, 1961, विभिन्न प्रावधानों का उल्लंघन किया है।
ये भी पढ़ें- Bhopal Metro: 2009 में देखा था सपना, 16 साल बाद साकार हुआ, राजधानी को फास्ट और स्मार्ट परिवहन की सौगात
आउट ऑफ टर्न प्रमोशन के लिए एग्जीक्यूटिव कमेटी की कोई सिफारिश नहीं की थी। चेयरमैन ने अपनी मर्ज़ी से एक्टिंग सेक्रेटरी के तौर पर अपॉइंट किया था और फिर जनरल बॉडी ने उन्हें असिस्टेंट सेक्रेटरी के पद पर आउट ऑफ टर्न प्रमोशन दिया। इसके बाद उन्हें बिना ज़रूरी क्वालिफिकेशन और सिलेक्शन प्रोसेस से सचिव नियुक्त कर दिया। युगलपीठ ने गीता शुक्ला को असिस्टेंट सेक्रेटरी तथा सेक्रेटरी के पद की नियुक्ति को रद्द दिया। मध्य प्रदेश की स्टेट बार काउंसिल नियमों और तय योग्यताओं के अनुसार स्टेट बार काउंसिल के सेक्रेटरी व असिस्टेंट सेक्रेटरी पद पर दो महीने के अंदर नियुक्ति की प्रक्रिया पूरी करेगी।
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स्टेट बार काउंसिल सदस्य शैलेंद्र वर्मा, अहादुल्ला उस्मानी सहित अन्य पांच की तरफ से दायर की गई। याचिका में कहा गया था कि लोअर डिवीजन क्लर्क के पद पर पदस्थ गीता शुक्ला को नियम विरूद्ध तरीके से प्रमोशन देकर स्टेट बार काउंसिल ने 31 जनवरी 2022 को सहायक सचिव के पद पर पदोन्नत किया। योग्यता नहीं होने के बावजूद भी उन्हें 6 पदों का प्रमोशन देकर सहायक सचिव बनाया गया था।
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इसके बाद 9 जुलाई 2024 को उन्हें सचिव बना दिया गया। स्टेट बार काउंसलिंग ने साल 2019 में सहायक सचिव पद के लिए परीक्षा का आयोजन किया था। उक्त परीक्षा में गीता शुक्ला भी शामिल हुई थी और उन्हें सिर्फ पांच अंक प्राप्त हुए थे और उनकी रैंकिंग 12 थी। पांच साल के अधिवक्ता का अनुभव नहीं होने के बावजूद भी वह परीक्षा में शामिल हुई थी।
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युगलपीठ ने अपने आदेश में कहा है कि सचिव महत्वपूर्ण पद है और इस पद पर नियुक्ति के लिए योग्यताएं और नियमों निर्धारित है। नियुक्ति से पहले उन्हें पूरा करना अनिवार्य है। स्टेट बार काउंसिल ने गीता शुक्ला को सहायक सचिव और सचिव के पद पर नियुक्त कर अधिवक्ता अधिनियम, 1961, विभिन्न प्रावधानों का उल्लंघन किया है।
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आउट ऑफ टर्न प्रमोशन के लिए एग्जीक्यूटिव कमेटी की कोई सिफारिश नहीं की थी। चेयरमैन ने अपनी मर्ज़ी से एक्टिंग सेक्रेटरी के तौर पर अपॉइंट किया था और फिर जनरल बॉडी ने उन्हें असिस्टेंट सेक्रेटरी के पद पर आउट ऑफ टर्न प्रमोशन दिया। इसके बाद उन्हें बिना ज़रूरी क्वालिफिकेशन और सिलेक्शन प्रोसेस से सचिव नियुक्त कर दिया। युगलपीठ ने गीता शुक्ला को असिस्टेंट सेक्रेटरी तथा सेक्रेटरी के पद की नियुक्ति को रद्द दिया। मध्य प्रदेश की स्टेट बार काउंसिल नियमों और तय योग्यताओं के अनुसार स्टेट बार काउंसिल के सेक्रेटरी व असिस्टेंट सेक्रेटरी पद पर दो महीने के अंदर नियुक्ति की प्रक्रिया पूरी करेगी।
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