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Jabalpur: याचिकाकर्ता कर रहा ब्लैकमैलिंग का प्रयास, हाईकोर्ट ने पूछा क्यों नहीं लगाएं कॉस्ट

Sun, 23 Jul 2023 08:05 PM IST
दिनेश शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर Published by: दिनेश शर्मा Updated Sun, 23 Jul 2023 08:05 PM IST
सार

आवेदन खारिज होने के बाद याचिकाकर्ता ने अपील भी दायर की। अपील खारिज होने के बाद याचिकाकर्ता उसी मुद्दे को लेकर पुनः हाईकोर्ट आ गया। युगलपीठ ने जिसे गंभीरता से लिया है। हाईकोर्ट ने आदेश में कहा है कि याचिकाकर्ता कानूनी प्रावधानों को दुरुपयोग कर अनावेदकों को ब्लैकमैल करने का प्रयास कर रहा है।

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Jabalpur: The petitioner is trying to blackmail, the High Court asked why the cost should not be imposed
सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

एक ही मुद्दे पर दोबारा याचिका दायर करने को हाईकोर्ट ने गंभीरता से लिया है। हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस रवि विजय कुमार मलिमथ तथा जस्टिस विशाल मिश्रा ने युगलपीठ ने अपने आदेश में कहा है कि याचिकाकर्ता कानूनी प्रावधानों को दुरुपयोग कर अनावेदकों को ब्लैकमैल करने का प्रयास कर रहा है। युगलपीठ ने उक्त याचिका दस लाख रुपये की कॉस्ट के साथ खारिज करने का अभिमत देते हुए इस संबंध में याचिकाकर्ता से जवाब मांगा है।
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याचिकाकर्ता की तरफ से दायर याचिका में खंडवा जिले में खदान का पट्टा आवंटित किए जाने को चुनौती दी गई थी। याचिका की सुनवाई के दौरान युगलपीठ ने पाया कि साल 2017 में खनन के लिए उक्त जमीन का पट्टा आवंटित किए जाने के संबंध में याचिका दायर की गई थी। याचिका की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने पाया था कि पट्टा आवंटन के खिलाफ उसके पास अन्य कानूनी प्रावधान उपस्थित थे। जिसके बाद हाईकोर्ट ने उक्त अपील को खारिज कर दिया।
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इसके बाद याचिकाकर्ता ने संबंधित अधिकारी के खिलाफ पट्टा आंवटन को चुनौती दी। आवेदन खारिज होने के बाद याचिकाकर्ता ने अपील भी दायर की। अपील खारिज होने के बाद याचिकाकर्ता उसी मुद्दे को लेकर पुनः हाईकोर्ट आ गया। युगलपीठ ने जिसे गंभीरता से लेते हुए उक्त आदेश जारी किए। युगलपीठ ने पक्ष प्रस्तुत करने के लिए याचिकाकर्ता को एक सप्ताह का समय प्रदान किया है।
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