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Jabalpur: नाबालिग से दुष्कर्म करने वाले को 20 साल की सजा, घुमाने के बहाने ले गया था उठाकर
Wed, 17 May 2023 07:17 PM IST
दिनेश शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर
Published by: दिनेश शर्मा
Updated Wed, 17 May 2023 07:17 PM IST
सार
नाबालिग से दुष्कर्म करने वाले युवक को कोर्ट ने 20 साल की सजा सुनाई है। वह नाबालिग को जबरदस्ती उठाकर ले गया था और दुष्कर्म किया था। कोर्ट ने दोषी पर पांच हजार का अर्थदंड भी लगाया है।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
नाबालिग को बहला-फुसलाकर उसके साथ दुष्कर्म करने वाले आरोपी को कोर्ट ने 20 साल के कारावास की सजा से दंडित किया है। न्यायालय ने आरोपी पर पांच हजार रुपये का अर्थदंड लगाते हुए पीड़िता को दो लाख रुपये की प्रतिकर राशि प्रदान करने के आदेश जारी किए हैं।
अभियोजन की ओर से न्यायालय को बताया गया कि आरोपी सुरेन्द्र उर्फ सोनू पटेल की मां मदन महल थानांतर्गत किराये के घर में रहती थी। मां से मिलने उनका बेटा अक्सर आता जाता था। अभियुक्त 21 दिसंबर 2020 को अपनी मां से मिलने आया था। मकान मालिक की नाबालिग बेटी उस समय घर पर अकेली थी। अभियुक्त ने उसे घुमाकर लाने का प्रलोभन किया। मना करने पर वह जिद करने लगा और जबरदस्ती उसे ऑटो में बैठाकर घमापुर की पहाड़ियों में लग गया। बेटी के लापता होने की रिपोर्ट पीड़िता की मां ने 22 दिसंबर 2020 को पुलिस में दर्ज करवाई। मदन महल पुलिस ने अगले दिन पीड़िता को दस्तयाब करते हुए मेडिकल परीक्षण कराया। पीड़िता ने अपने बयान में पुलिस को बताया कि रात में उसने अभियुक्त से कहा कि उसे घर जाना है, तो वह उसे वापस घर लेकर नहीं गया और उसने जबरदस्ती दुराचार किया। उसने अभियुक्त को बहुत बार मना किया, लेकिन वह नहीं माना।
पुलिस ने अपहरण, दुराचार व पॉक्सो एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज कर अदालत के समक्ष चालान पेश किया। सुनवाई दौरान पेश किए गए गवाह व साक्ष्यों को मद्देनजर रखते हुए अदालत ने आरोपी को उक्त सजा से दंडित किया। मामले में शासन की ओर से एडीपीओ मनीषा दुबे ने पैरवी की।
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अभियोजन की ओर से न्यायालय को बताया गया कि आरोपी सुरेन्द्र उर्फ सोनू पटेल की मां मदन महल थानांतर्गत किराये के घर में रहती थी। मां से मिलने उनका बेटा अक्सर आता जाता था। अभियुक्त 21 दिसंबर 2020 को अपनी मां से मिलने आया था। मकान मालिक की नाबालिग बेटी उस समय घर पर अकेली थी। अभियुक्त ने उसे घुमाकर लाने का प्रलोभन किया। मना करने पर वह जिद करने लगा और जबरदस्ती उसे ऑटो में बैठाकर घमापुर की पहाड़ियों में लग गया। बेटी के लापता होने की रिपोर्ट पीड़िता की मां ने 22 दिसंबर 2020 को पुलिस में दर्ज करवाई। मदन महल पुलिस ने अगले दिन पीड़िता को दस्तयाब करते हुए मेडिकल परीक्षण कराया। पीड़िता ने अपने बयान में पुलिस को बताया कि रात में उसने अभियुक्त से कहा कि उसे घर जाना है, तो वह उसे वापस घर लेकर नहीं गया और उसने जबरदस्ती दुराचार किया। उसने अभियुक्त को बहुत बार मना किया, लेकिन वह नहीं माना।
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पुलिस ने अपहरण, दुराचार व पॉक्सो एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज कर अदालत के समक्ष चालान पेश किया। सुनवाई दौरान पेश किए गए गवाह व साक्ष्यों को मद्देनजर रखते हुए अदालत ने आरोपी को उक्त सजा से दंडित किया। मामले में शासन की ओर से एडीपीओ मनीषा दुबे ने पैरवी की।
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