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Jabalpur: वेदिका हत्याकांड के आरोपी को झटका, हाईकोर्ट ने खारिज की पिता की याचिका
Thu, 06 Jul 2023 09:47 PM IST
दिनेश शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर
Published by: दिनेश शर्मा
Updated Thu, 06 Jul 2023 09:47 PM IST
सार
एमबीए छात्रा वेदिका की गोली मारकर हत्या करने वाले आरोपी के परिजनों को अवैध मकान निर्माण का नोटिस जारी किया था। नगर निगम के नोटिस के खिलाफ आरोपी के पिता ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। जिसे हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया है।
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सांकेतिक तस्वीर।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
एमबीए छात्रा वेदिका की गोली मारकर हत्या करने वाले आरोपी के परिजनों को अवैध मकान निर्माण का नोटिस जारी किया था। नगर निगम के नोटिस के खिलाफ आरोपी के पिता ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। हाईकोर्ट जस्टिस जीएस अहलुवालिया ने पाया कि जिस कॉलोनी में मकान बना हैं, वह अवैध है। एकलपीठ ने सुनवाई के बाद याचिका को खारिज कर दिया।
गौरतलब है कि कथित भाजपा नेता प्रियांश विश्वकर्मा ने 16 मई को अपने कार्यालय में आयकर चौक निवासी 26 वर्षीय युवती वेदिका ठाकुर को गोली मार दी थी। युवती की उपचार के दौरान 26 जून को मौत हो गई थी। घटना के दो दिन बाद आरोपी ने 19 जून को आत्मसमर्पण कर दिया था। नगर निगम ने आरोपी के परिजनों को अवैध मकान निर्माण के संबंध में नोटिस जारी किया था। इसके खिलाफ आरोपी के पिता लीलाधर विश्वकर्मा ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी।
याचिका की सुनवाई के दौरान एकलपीठ ने पाया कि याचिकाकर्ता ने स्वयं स्वीकार किया है कि उनका मकान जिस नवनिवेश कॉलोनी में बना है, वह अवैध है। मकान के नक्शे स्वीकृत नहीं है। एकलपीठ ने सुनवाई के बाद याचिका को खारिज कर दिया।
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गौरतलब है कि कथित भाजपा नेता प्रियांश विश्वकर्मा ने 16 मई को अपने कार्यालय में आयकर चौक निवासी 26 वर्षीय युवती वेदिका ठाकुर को गोली मार दी थी। युवती की उपचार के दौरान 26 जून को मौत हो गई थी। घटना के दो दिन बाद आरोपी ने 19 जून को आत्मसमर्पण कर दिया था। नगर निगम ने आरोपी के परिजनों को अवैध मकान निर्माण के संबंध में नोटिस जारी किया था। इसके खिलाफ आरोपी के पिता लीलाधर विश्वकर्मा ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी।
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याचिका की सुनवाई के दौरान एकलपीठ ने पाया कि याचिकाकर्ता ने स्वयं स्वीकार किया है कि उनका मकान जिस नवनिवेश कॉलोनी में बना है, वह अवैध है। मकान के नक्शे स्वीकृत नहीं है। एकलपीठ ने सुनवाई के बाद याचिका को खारिज कर दिया।
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