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Umaria: राजनीतिक हिंसा के आरोपी की मौत का मामला; कलेक्टर की समझाइश पर अंतिम संस्कार के लिए राजी हुए परिजन
Tue, 21 Nov 2023 06:21 PM IST
हिमांशु प्रियदर्शी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उमरिया
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उमरिया
Published by: हिमांशु प्रियदर्शी
Updated Tue, 21 Nov 2023 06:21 PM IST
सार
Death in Police Custody: कलेक्टर ने मृतक के परिजनों और गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के नेताओं से कहा कि मतदान के नतीजों के बाद यानी तीन दिसंबर के बाद आप अपने प्रतिनिधि मंडल के साथ आएं। तब निश्चित ही सभी मांगों पर विचार किया जाएगा।
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अंतिम संस्कार के लिए राजी हुए परिजन और पार्टी नेता
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
जबलपुर में न्यायिक अभिरक्षा में राजनीतिक हिंसा के आरोपी दयाराम की इलाज के दौरान हो गई थी। पुलिस अभिरक्षा में मौत होने से नाराज गोंडवाना गणतंत्र पार्टी एवं मृतक के परिजनों को कलेक्टर बुद्धेश कुमार वैद्य ने गांव पहुंचकर समझाया। उसके बाद मृतक दयाराम (62) पिता सुखलाल सिंह निवासी हिरौली के अंतिम संस्कार के लिए सभी राजी हो गए। इस मौके पर पुलिस अधीक्षक निवेदिता नायडू सहित पुलिस अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।
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दरअसल, जबलपुर मेडिकल कालेज में इलाज के दौरान रविवार 19 नवंबर की सुबह दयाराम की मौत हो गई थी। उसके बाद से ही पूरा मामला संवेदनशील बना हुआ था। सोमवार की देर रात जबलपुर से शव लेकर परिजन उमरिया में ग्रह ग्राम हिरौली पहुंचे थे। इस मामले में पार्टी नेताओं की मांग थी कि पूरे मामले की न्यायिक जांच कराई जाए। पीड़ित आश्रित परिजनों को एक करोड़ का मुआवजा दिया जाए। आश्रित परिजन को सरकारी नौकरी, दयाराम को शहीद का दर्जा दिया जाए और स्मारक बनाया जाए।
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इन सभी मांगों को लेकर कलेक्टर ने कहा कि मतदान के नतीजों के बाद यानी तीन दिसंबर के बाद आप अपने प्रतिनिधि मंडल के साथ आएं। तब निश्चित ही सभी मांगों पर विचार किया जाएगा। उसके बाद परिजन और पार्टी नेता अंतिम संस्कार (दफनाने) के लिए राजी हो गए।
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