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Kangana Ranaut: सांसद व अभिनेत्री कंगना रनौत को कोर्ट का नोटिस, आजादी भीख में मिलने के बयान को चुनौती
Mon, 07 Oct 2024 10:40 PM IST
दिनेश शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर
Published by: दिनेश शर्मा
Updated Mon, 07 Oct 2024 10:40 PM IST
सार
आपत्ति का मुख्य बिंदु यही है कि देश को आजादी स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के बलिदान से मिली थी। इसके बावजूद अभिनेत्री कंगना रनौत ने अपने बयान में कहा था कि 1947 में जो आजादी मिली वह आजादी नहीं भीख थी, असली आजादी तो 2014 में मिली। अब कोर्ट ने कंगना को नोटिस जारी किया है।
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अभिनेत्री कंगना रणौत
- फोटो : संवाद
विस्तार
विशेष न्यायाधीश विश्वेश्वरी मिश्रा की एमपी-एमएलए कोर्ट ने सांसद व अभिनेत्री कंगना रनौत को नोटिस जारी कर जवाब पेश करने के निर्देश दिए हैं। मामला देश को आजादी भीख में मिलने के बयान को चुनौती से संबंधित है। अगली सुनवाई 5 नवंबर 2024 को होगी।
परिवादी जबलपुर निवासी अधिवक्ता अमित कुमार साहू ने अपना पक्ष स्वयं रखा। जिन्होंने बताया कि यह परिवाद 2021 में दायर किया गया था। इससे पूर्व अधारताल थाने में लिखित शिकायत दी गई थी। जब कोई कार्रवाई नहीं हुई तो पुलिस अधीक्षक को पत्र सौंपा गया। इसका भी नतीजा न निकलने पर परिवाद दायर किया गया। आपत्ति का मुख्य बिंदु यही है कि देश को आजादी स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के बलिदान से मिली थी। इसके बावजूद अभिनेत्री कंगना रनौत ने अपने बयान में कहा था कि 1947 में जो आजादी मिली वह आजादी नहीं भीख थी, असली आजादी तो 2014 में मिली। इस तरह के अनुचित बयान को गंभीरता से लेकर प्रकरण दर्ज करने किए जाने की मांग करते हुए उक्त मामला दायर किया गया है।
क्या है कंगना का बयान
2021 में निजी कार्यक्रम में कंगना शामिल हुई थीं। इस दौरान उन्होंने भारत के स्वतंत्रता संग्राम के बारे में सावरकर, लक्ष्मीबाई और नेताजी बोस को याद करते हुए कहा था कि ये लोग जानते थे कि खून बहेगा, लेकिन यह हिंदुस्तानी खून नहीं होना चाहिए। वे इसे जानते थे। बेशक, उन्हें एक पुरस्कार दिया जाना चाहिए। वह आजादी नहीं थी, वो भीख थी। जो आजादी मिली है, वो 2014 में मिली है।'
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परिवादी जबलपुर निवासी अधिवक्ता अमित कुमार साहू ने अपना पक्ष स्वयं रखा। जिन्होंने बताया कि यह परिवाद 2021 में दायर किया गया था। इससे पूर्व अधारताल थाने में लिखित शिकायत दी गई थी। जब कोई कार्रवाई नहीं हुई तो पुलिस अधीक्षक को पत्र सौंपा गया। इसका भी नतीजा न निकलने पर परिवाद दायर किया गया। आपत्ति का मुख्य बिंदु यही है कि देश को आजादी स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के बलिदान से मिली थी। इसके बावजूद अभिनेत्री कंगना रनौत ने अपने बयान में कहा था कि 1947 में जो आजादी मिली वह आजादी नहीं भीख थी, असली आजादी तो 2014 में मिली। इस तरह के अनुचित बयान को गंभीरता से लेकर प्रकरण दर्ज करने किए जाने की मांग करते हुए उक्त मामला दायर किया गया है।
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क्या है कंगना का बयान
2021 में निजी कार्यक्रम में कंगना शामिल हुई थीं। इस दौरान उन्होंने भारत के स्वतंत्रता संग्राम के बारे में सावरकर, लक्ष्मीबाई और नेताजी बोस को याद करते हुए कहा था कि ये लोग जानते थे कि खून बहेगा, लेकिन यह हिंदुस्तानी खून नहीं होना चाहिए। वे इसे जानते थे। बेशक, उन्हें एक पुरस्कार दिया जाना चाहिए। वह आजादी नहीं थी, वो भीख थी। जो आजादी मिली है, वो 2014 में मिली है।'
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