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Jabalpur News: सरकार पदस्थापना दे या एनओसी, एमबीबीएस डॉक्टरों की याचिका पर नोटिस जारी
Tue, 19 Sep 2023 08:16 PM IST
अरविंद कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर
Published by: अरविंद कुमार
Updated Tue, 19 Sep 2023 08:16 PM IST
सार
एमबीबीएस कोर्स पूर्ण करने के बाद एक साल तक ग्रामीण क्षेत्रों में सेवाएं देने के मामले में हाईकोर्ट चीफ जस्टिस रवि विजय कुमार मलिमठ तथा जस्टिस विशाल मिश्रा की युगलपीठ ने अनावेदकों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
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मध्य प्रदेश हाईकोर्ट, जबलपुर
- फोटो : Social Media
विस्तार
एमबीबीएस कोर्स पूर्ण करने के छह महीने बावजूद भी सरकार द्वारा पदस्थापना या एनओसी दिए जाने की मांग करते हुए करते हुए हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई थी। याचिका में कहा गया था कि सरकार ने अनुबंध किया था कि एमबीबीएस कोर्स पूर्ण करने के बाद उन्हें एक साल तक ग्रामीण क्षेत्रों में सेवाएं देनी होगी। हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस रवि विजय कुमार मलिमठ तथा जस्टिस विशाल मिश्रा की युगलपीठ ने अनावेदकों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
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याचिकाकर्ता डॉक्टर सिध्दार्थ कसाना, डॉ सोनाली अग्रवाल सहित अन्य पांच की तरफ से दायर की गई याचिका में कहा गया था कि उन्होंने साल 2017 में एमबीबीएस कोर्स में दाखिला लिया था। उनका कोर्स मार्च 2022 में पूर्ण हो गया था। इसके बाद उन्होंने एक साल तक इंटर्नशिप का कार्यकाल पूर्ण किया। दाखिला लेते हुए सरकार ने एक अनुबंध किया था कि कोर्स पूर्ण होने के बाद वह प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में एक साल तक सेवाएं प्रदान करेंगे।
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याचिकाकर्ता की तरफ से पैरवी करते हुए अधिवक्ता आदित्य संघी ने युगलपीठ को बताया कि सभी याचिकाकर्ता दूसरे प्रदेश के निवासी हैं। कोर्स और इंटर्नशिप पूर्ण किए छह महीने से अधिक का समय हो गया है। परंतु सरकार द्वारा ग्रामीण क्षेत्र में उन्हें पदस्थ नहीं किया गया है। सरकार उन्हें एनओसी भी प्रदान नहीं कर रही है। उनके प्रदेश में डॉक्टरों की सीट रिक्त है। कोर्स पूर्ण करने के बावजूद भी याचिकाकर्ता विगत छह महीने से सिर्फ समय काट रहे हैं। याचिका में प्रमुख सचिव तथा संचालक मेडिकल एजुकेशन तथा संचालक स्वास्थ सेवा को अनावेदक बनाया गया था। युगलपीठ ने अनावेदकों को नोटिस जारी कर अगली सुनवाई अक्टूबर महीने के पहले सप्ताह में निर्धारित की है।
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