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Jabalpur: हत्यारे पति को आजीवन कारावास, पिता को सजा दिलाने में अबोध बेटी की गवाही रही अहम
Mon, 15 Apr 2024 08:21 PM IST
दिनेश शर्मा
अमर उजाला, न्यूज डेस्क, जबलपुर
अमर उजाला, न्यूज डेस्क, जबलपुर
Published by: दिनेश शर्मा
Updated Mon, 15 Apr 2024 08:21 PM IST
सार
पत्नी की हत्या करने वाले एक पति को उसकी ही बेटी की गवाही पर सजा सुनाई गई है। कोर्ट ने हत्यारे को आजीवन कारावास जेल में रहने के आदेश दिए हैं।
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court room
- फोटो : ANI
विस्तार
अपर सत्र न्यायाधीश चंद्रसेन मुवेल की अदालत ने हत्या के आरोपी ग्राम सुनावल बघराजी कुंडम जिला जबलपुर निवासी कीरतलाल मेहरा का दोषी करार दिया। अदालत ने आजीवन कारावास की सजा सुना दी। साथ ही पांच सौ रुपये का जुर्माना भी लगाया। सबसे खास बात यह है कि अदालत ने आरोपी की अबोध पुत्री पलक की गवाही को गंभीरता से लेकर पत्नी की हत्यारे को कठोर सजा सुनाई।
अभियोजन की ओर से अतिरिक्त लोक अभियोजक कुक्कू दत्त ने पक्ष रखा। उन्होंने दलील दी कि 23 फरवरी 2022 को रात्र ढाई बजे कीरतलाल ने अपने साले रोहित उर्फ सोनू को फोन किया था। उसने बताया था कि कोई अज्ञात व्यक्ति तुम्हारी बहन पुष्पलता के सिर पर रॉड मारकर भाग गया है। सिर पर गहरी चोट लगी है। सोनू ने यह जानकारी अपने पिता बिहारीलाल मेहरा व मां द्रोपदी बाई को दी। साथ ही दूसरे जीजा रूपलाल झारिया को सूचित किया। कुछ देर में फोन पर जानकारी मिली कि गंभीर रूप से घायल बहन पुष्पलता की मृत्यु हो चुकी है। लिहाजा, सभी मौके पर पहुंच गए। वहां देखा की पुष्पलता कमरे में लहूलुहान पड़ी है। समीप ही जीजा कीरतलाल डरा-सहमा खड़ा था। साले सोनू ने अबोध भांजी पलक से पूछा कि मम्मी को किसने मार दिया। इस पर उसने रोते हुए बताया कि पिता कीरतलाल ने मम्मी पुष्पलता के सिर पर जोर से रॉड मारी थी। लिहाजा, उसके विरुद्ध कुंडम पुलिस में शिकायत की गई। पूछताछ में पता चला कि कीरतलाल को पत्नी पुष्पलता के चरित्र पर संदेह था। इसीलिए क्रोधावेश में उसने लोहे का पाना सिर पर मारकर मौत के घाट उतार दिया। सुनवाई पश्चात् अदालत ने पेश किए गए गवाह व साक्ष्यों को मद्देनजर रखते हुए उक्त सजा सुनाई।
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अभियोजन की ओर से अतिरिक्त लोक अभियोजक कुक्कू दत्त ने पक्ष रखा। उन्होंने दलील दी कि 23 फरवरी 2022 को रात्र ढाई बजे कीरतलाल ने अपने साले रोहित उर्फ सोनू को फोन किया था। उसने बताया था कि कोई अज्ञात व्यक्ति तुम्हारी बहन पुष्पलता के सिर पर रॉड मारकर भाग गया है। सिर पर गहरी चोट लगी है। सोनू ने यह जानकारी अपने पिता बिहारीलाल मेहरा व मां द्रोपदी बाई को दी। साथ ही दूसरे जीजा रूपलाल झारिया को सूचित किया। कुछ देर में फोन पर जानकारी मिली कि गंभीर रूप से घायल बहन पुष्पलता की मृत्यु हो चुकी है। लिहाजा, सभी मौके पर पहुंच गए। वहां देखा की पुष्पलता कमरे में लहूलुहान पड़ी है। समीप ही जीजा कीरतलाल डरा-सहमा खड़ा था। साले सोनू ने अबोध भांजी पलक से पूछा कि मम्मी को किसने मार दिया। इस पर उसने रोते हुए बताया कि पिता कीरतलाल ने मम्मी पुष्पलता के सिर पर जोर से रॉड मारी थी। लिहाजा, उसके विरुद्ध कुंडम पुलिस में शिकायत की गई। पूछताछ में पता चला कि कीरतलाल को पत्नी पुष्पलता के चरित्र पर संदेह था। इसीलिए क्रोधावेश में उसने लोहे का पाना सिर पर मारकर मौत के घाट उतार दिया। सुनवाई पश्चात् अदालत ने पेश किए गए गवाह व साक्ष्यों को मद्देनजर रखते हुए उक्त सजा सुनाई।
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