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Jabalpur: दोस्त की शिकायत करने पर डीईओ ने कर दिया स्थानांतरण; हाईकोर्ट से मिली महिला उप प्राचार्य को राहत
Tue, 27 Feb 2024 06:08 PM IST
हिमांशु प्रियदर्शी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर
Published by: हिमांशु प्रियदर्शी
Updated Tue, 27 Feb 2024 06:08 PM IST
सार
Jabalpur Hindi News: जबलपुर के एक सरकारी स्कूल की महिला उप प्राचार्य द्वारा प्राचार्य के खिलाफ शिकायत करने के मामले में डीईओ ने नियम ताक पर रख दोस्ती निभाते हुए पीड़िता का ट्रांसफर कर दिया था। हालांकि हाई कोर्ट ने मामले में सुनवाई कर उप प्राचार्य को राहत प्रदान की है। जानें पूरा मामला...।
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प्राचार्य के खिलाफ लगाए गए आरोप सही पाए गए हैं
- फोटो : file photo
विस्तार
मध्य प्रदेश के जबलपुर में प्राचार्य दोस्त की शिकायत करने पर जिला शिक्षा अधिकारी ने महिला उप प्राचार्य का स्थानांतरण कर दिया। इसको चुनौती देते हुए हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई थी। याचिका की सुनवाई के दौरान जस्टिस विशाल धगट की एकलपीठ ने पाया कि जांच में प्राचार्य के खिलाफ लगाए गए आरोप सही पाए गए हैं। एकलपीठ ने महिला प्राचार्य को राहत प्रदान करने हुए वापस उसी स्कूल में पदस्थ करने के आदेश जारी किए हैं।
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जानकारी के मुताबिक, याचिकाकर्ता श्रद्धा शुक्ला सीएम राइज स्कूल बरेला में उप प्राचार्य के पद पर पदस्थ थीं। उन्होंने प्राचार्य डीके गुप्ता द्वारा बदसलूकी करने की शिकायत की थी। शिकायत पर जिला शिक्षा अधिकारी घनश्याम सोनी ने जांच शुरू की थी। जिला शिक्षा अधिकारी और प्राचार्य की दोस्ती का हवाला देते हुए महिला उप प्राचार्य ने स्वतंत्र जांच की मांग करते हुए लिए शासन को लिखित आवेदन दिया था।
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उसके बाद ज्वाइंट डायरेक्टर ने जांच शुरू की थी। ज्वाइंट डायरेक्टर अपनी जांच रिपोर्ट पेश करते, इसके पहले जिला शिक्षा अधिकारी ने अपनी जांच पूरी करते हुए उनके स्थानांतरण की संस्तुति कर दी। उनका स्थानांतरण दो जनवरी को शिक्षक के पद पर उमरिया कर दिया गया। याचिकाकर्ता की ओर से तर्क दिया गया कि जांच लंबित होने के दौरान स्थानांतरण करने से पूर्व सुनवाई का अवसर प्रदान किया जाना चाहिए था।
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याचिका की सुनवाई के दौरान सरकार की तरफ से तर्क दिया गया कि स्थानांतरण याचिकाकर्ता के अनुरोध पर किया गया है। इस दौरान ज्वाइंट डायरेक्टर की जांच रिपोर्ट में याचिकर्ता के आरोप को सही पाते हुए प्राचार्य को बदसलूकी करने का दोषी पाया गया। याचिका की सुनवाई के बाद एकलपीठ ने याचिकर्ता महिला को बरेला स्कूल में पदस्थ करने के आदेश जारी किए हैं। एकलपीठ ने जिला शिक्षा अधिकारी से स्पष्टीकरण मांगा है कि ज्वाइंट डायरेक्टर जांच कर रहे तो उनके द्वारा जांच किस आधार पर की गई। याचिकाकर्ता की तरफ से अधिवक्ता पंकज दुबे और रितिका गुप्ता ने पैरवी की।
