फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Jabalpur News ›   Jabalpur: Court strict in case of quack doctors, sought answers from health department and others

Jabalpur: झोलाछाप डॉक्टरों के मामले में कोर्ट सख्त, स्वास्थ्य विभाग सहित अन्य से मांगा जवाब

Wed, 15 Feb 2023 05:32 PM IST
दिनेश शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर Published by: दिनेश शर्मा Updated Wed, 15 Feb 2023 05:32 PM IST
सार

याचिका में कहा गया है कि प्रदेश भर में खास तौर पर ग्रामीण इलाकों में झोलाछाप डॉक्टर बिना डिग्री नर्सिंग होम्स और अस्पताल का संचालन कर रहे हैं। बिना वैधानिक डिग्री या लायसेंस के एलोपैथिक प्रैक्टिस कर रहे हैं। ऐसे डॉक्टरों की वजह से लोगों के स्वास्थ्य को बड़ा नुकसान हो सकता है। 

विज्ञापन
Jabalpur: Court strict in case of quack doctors, sought answers from health department and others
झोलाछाप डॉक्टरों के खिलाफ जनहित याचिका पर मंगलवार को सुनवाई की गई। - फोटो : demo

विस्तार

झोलाछाप डॉक्टरों के खिलाफ जनहित याचिका पर मध्यप्रदेश हाईकोर्ट में सुनवाई की गई। चीफ जस्टिस रवि विजय मलिमथ व जस्टिस विशाल मिश्रा की खंडपीठ ने स्वास्थ्य विभाग के प्रमुख सचिव, संचालक स्वास्थ्य सेवाएं, नेशनल मेडिकल कमीशन नई दिल्ली, मप्र मेडिकल काउंसिल के रजिस्ट्रार के अलावा जबलपुर, भोपाल व छिंदवाड़ा के सीएमएचओ को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
विज्ञापन


आईएमए जबलपुर के अध्यक्ष डॉ. अमरेन्द्र पांडे की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अनिल खरे व शिवेंद्र पांडे ने पक्ष रखा। उन्होंने बताया कि शहर के साथ प्रदेश भर में खास तौर पर ग्रामीण इलाकों में झोलाछाप डॉक्टर बिना डिग्री नर्सिंग होम्स और अस्पताल का संचालन कर रहे हैं। बिना वैधानिक डिग्री या लायसेंस के एलोपैथिक प्रैक्टिस कर रहे हैं। ऐसे डॉक्टरों की वजह से लोगों के स्वास्थ्य को बड़ा नुकसान हो सकता है। 
विज्ञापन


याचिका में बताया गया कि राज्य शासन ऐसे मामलों में कोई कार्रवाई नहीं कर रही है। ऐसे डॉक्टर्स नियम विरुद्ध तरीके से भ्रामक विज्ञापन के जरिए लोगों को अपने जाल में फंसाते हैं। सस्ते के चक्कर में लोग इनसे इलाज करवाने पहुंच जाते हैं और गलत दवाइयों का शिकार हो जाते हैं। कई लोगों को तो अपनी जान तक गंवानी पड़ती है। याचिका में मांग की गई है कि सरकार एक ऐसी बॉडी बनाए जो ऐसे डॉक्टरों की पहचान करे और उनके खिलाफ विधि अनुसार कार्रवाई करे। 
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed