फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Jabalpur News ›   Jabalpur: Cannot claim higher post after accepting compassionate appointment, High Court rejects petition

Jabalpur: अनुकंपा नियुक्ति स्वीकार करने के बाद नहीं कर सकते उच्च पद का दावा, हाईकोर्ट ने खारिज की याचिका

Mon, 15 Jan 2024 04:50 PM IST
दिनेश शर्मा अमर उजाला, न्यूज डेस्क, जबलपुर
अमर उजाला, न्यूज डेस्क, जबलपुर Published by: दिनेश शर्मा Updated Mon, 15 Jan 2024 04:50 PM IST
सार

मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने अनुकंपा नियुक्ति लेने के बाद उच्च पद की मांग करने वाली याचिका खारिज कर दी। कोर्ट ने कहा कि अनुकंपा नियुक्ति स्वीकार के बाद उच्च का दावा नहीं किया जा सकता। 

विज्ञापन
Jabalpur: Cannot claim higher post after accepting compassionate appointment, High Court rejects petition
कोर्ट सांकेतिक - फोटो : file photo

विस्तार

हाईकोर्ट ने अपने अहम आदेश में कहा है कि अनुकंपा नियुक्ति स्वीकार करने के बाद उच्च पद के लिए दावा नहीं किया जा सकता है। हाईकोर्ट जस्टिस विवेक अग्रवाल ने उक्त आदेश के साथ याचिका को खारिज कर दिया।
विज्ञापन


याचिकाकर्ता विनय कुमार अथिया की तरफ से दायर की गई याचिका में कहा गया था कि उनके पिता पुलिस विभाग में पदस्थ थे। साल 2017 में उनके पिता की मौत हो गई थी। जिसके बाद उसे साल 2018 में बाल आरक्षक के रूप में अनुकंपा नियुक्ति प्रदान की गई। बालिग होने के बाद उसे 18 साल में आरक्षक एम के पद पर नियुक्ति प्रदान की गई। याचिका में कहा गया था कि सीपीसीटी का परीक्षा उत्तीर्ण की है। योग्यता के अनुसार उसे एएसआई के पद पर नियुक्ति मिलना चाहिए थी।
विज्ञापन


याचिका में कहा गया था कि आरक्षक एम सीधी भर्ती का पद नहीं है। नियमानुसार उसे सीधी भर्ती के पद पर अनुकंपा नियुक्ति मिलनी चाहिए। याचिका की सुनवाई के बाद शासन की तरफ से एकलपीठ को बताया गया कि आरक्षक एम सीधी भर्ती का पद है। याचिकाकर्ता ने पांच साल पहले स्वेच्छा से अनुकंपा नियुक्ति का पद स्वीकार किया था। एकलपीठ ने अपने आदेश में कहा कि याचिकाकर्ता यह साबित नहीं कर पाया कि आरक्षक एम सीधी भर्ती का पद नहीं है। अनुकंपा नियुक्ति का पद स्वीकार करने के बाद उच्च पद के लिए याचिकाकर्ता दावा नहीं कर सकता है। उक्त आदेश के साथ एकलपीठ ने याचिका को खारिज कर दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed