फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Jabalpur News ›   Jabalpur ATS presented intelligence report in sealed envelope hearing lasted for two days in tribunal

Jabalpur News: एटीएस ने सील बंद लिफाफे में पेश की इंटेलिजेंस रिपोर्ट, दो दिन ट्रिब्यूनल में चली सुनवाई

Fri, 07 Jun 2024 10:09 PM IST
अरविंद कुमार न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर Published by: अरविंद कुमार Updated Fri, 07 Jun 2024 10:09 PM IST
सार

एटीएस भोपाल के पुलिस अधीक्षक ने सील बंद लिफाफे में इंटेलिजेंस रिपोर्ट पेश की। रिपोर्ट को रिकॉर्ड पर लेकर ट्रिब्यूनल के पीठासीन अधिकारी न्यायमूर्ति पुरुषेन्द्र कौरव की बेंच ने अगली सुनवाई 11 जून को निर्धारित की है। 

विज्ञापन
Jabalpur ATS presented intelligence report in sealed envelope hearing lasted for two days in tribunal
कोर्ट फैसला - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

स्टूडेंट इस्लामिक मूवमेंट ऑफ इंडिया (सिमी) के मामले में गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) के लिए बने ट्रिब्यूनल की जबलपुर में लगी दो दिनी विशेष कोर्ट की सुनवाई प्रक्रिया शुक्रवार को पूरी हो गई। शुक्रवार को एटीएस भोपाल के पुलिस अधीक्षक ने सील बंद लिफाफे में इंटेलिजेंस रिपोर्ट पेश की। रिपोर्ट को रिकॉर्ड पर लेकर ट्रिब्यूनल के पीठासीन अधिकारी न्यायमूर्ति पुरुषेन्द्र कौरव की बेंच ने अगली सुनवाई 11 जून को निर्धारित की है। न्यायमूर्ति कौरव पीठासीन अधिकारी के रूप में देश के अलग-अलग स्थानों पर विशेष कोर्ट के जरिए इस बात का परीक्षण कर रहे हैं कि सिमी संगठन को गैर कानूनी घोषित करने के लिए पर्याप्त कारण हैं या नहीं।

विज्ञापन


प्रतिबंधित छात्र संगठन स्टूडेंट इस्लामिक मूवमेंट ऑफ इंडिया (सिमी) को केंद्र सरकार ने यूएपीए के तहत पांच साल की अवधि के लिए गैरकानूनी संगठन घोषित कर दिया है। सरकार को ये कदम इसलिए उठना पड़ा, क्योंकि सिमी देश में कई आतंकी गतिविधियों में शामिल रहा है। यहां तक कि संगठन पर अन्य आतंकी संगठनों के साथ मिलकर देश में हिंसा फैलाने में मदद करने का भी आरोप है।
विज्ञापन


केंद्र सरकार ने जनवरी 2024 को सिमी संगठन पर पांच साल का प्रतिबंध बढ़ा दिया है। सरकार ने सिमी पर प्रतिबंध की सुनवाई के लिए एक ट्रिब्यूनल बनाया है, जिसके पहले पीठासीन अधिकारी जस्टिस पुरुषेन्द्र कौरव को बनाया गया है। आतंकी गतिविधियों में शामिल होने व आतंकी संगठनों के साथ संबंध होने के चलते साल 2001 में भारत सरकार ने सिमी को प्रतिबंधित संगठन घोषित कर दिया था। साल 2008 में एक विशेष न्यायाधिकरण के तहत सिमी से प्रतिबंध हटा दिया गया। इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती मिली और कुछ दिन बाद ही यह प्रतिबंध फिर से लागू कर दिया गया।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed