फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Jabalpur News ›   Jabalpur: All admissions for PhD in Theology and Law University are subject to final decision

Jabalpur: धर्मशास्त्र विधि विवि में पीएचडी के सभी प्रवेश अंतिम निर्णय के अधीन, हाईकोर्ट ने मांगा जवाब

Thu, 01 Feb 2024 10:43 PM IST
दिनेश शर्मा अमर उजाला, न्यूज डेस्क, जबलपुर
अमर उजाला, न्यूज डेस्क, जबलपुर Published by: दिनेश शर्मा Updated Thu, 01 Feb 2024 10:43 PM IST
सार

विश्वविद्यालय की पीएचडी में प्रवेश नीति सरकार द्वारा तय नीतियों के विरुद्ध है। नियम के अनुसार आरक्षित वर्ग में 50 फीसदी सीटें मप्र के मूल निवासी से भरी जानी थीं, जबकि विवि प्रशासन ने ऐसा नहीं करके ऑल इंडिया कोटे से सीटें भर दीं। 

विज्ञापन
Jabalpur: All admissions for PhD in Theology and Law University are subject to final decision
हाईकोर्ट - फोटो : file photo

विस्तार

मप्र हाईकोर्ट ने धर्मशास्त्र राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय जबलपुर में पीएचडी में सभी प्रवेश याचिका के अंतिम निर्णय के अधीन रखने के निर्देश दिए हैं। जस्टिस शील नागू व जस्टिस प्रमोद कुमार अग्रवाल की युगलपीठ ने मामले में विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार, पीएचडी संयोजक, उच्च शिक्षा विभाग और विधि एवं विधायी कार्य विभाग के प्रमुख सचिव को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। युगलपीठ ने मामले की अगली सुनवाई छह सप्ताह बाद निर्धारित की है।
विज्ञापन


यह मामला यश प्रताप सिंह नरवरिया की ओर से दायर किया गया है। इसमें कहा गया कि विश्वविद्यालय की पीएचडी में प्रवेश नीति सरकार द्वारा तय नीतियों के विरुद्ध है। नियम के अनुसार आरक्षित वर्ग में 50 फीसदी सीटें मप्र के मूल निवासी से भरी जानी थीं, जबकि विवि प्रशासन ने ऐसा नहीं करके ऑल इंडिया कोटे से सीटें भर दीं। आवेदक की ओर से कहा गया कि विवि प्रशासन ने आरक्षित सीटों को कम कर दिया है या अनारक्षित सीटों में विलय कर दिया है। इससे आरक्षित वर्ग के छात्र लाभ से वंचित हैं। 
विज्ञापन


इस संबंध में विश्वविद्यालय प्रशासन को अभ्यावेदन प्रस्तुत किए गए, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई। जिस पर हाईकोर्ट की शरण ली गई। सुनवाई पश्चात् न्यायालय ने उक्त अंतरिम आदेश देते हुए अनावेदकों को नोटिस जारी कर जवाब पेश करने के निर्देश दिए हैं। याचिकाकर्ता की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अतुलानंद अवस्थी व कौस्तुभ तिवारी ने पक्ष रखा।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed