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Jabalpur: नाबालिग के दुष्कर्मी भाई को 20 साल की सजा, बेटे को अपनाने से इंकार करने पर थाने पहुंची थी पीड़िता
Fri, 12 May 2023 09:29 PM IST
दिनेश शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर
Published by: दिनेश शर्मा
Updated Fri, 12 May 2023 09:29 PM IST
सार
जबलपुर में शादी का झांसा देकर ममेरे भाई ने नाबालिग से रेप किया और उसे गर्भवती कर दिया। बाद में शादी को टालता रहा और बच्चा होने पर अपनाने से इनकार कर दिया। कोर्ट ने उसे दोषी मान 20 साल की सजा सुनाई है।
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Court Room
- फोटो : Social Media
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विस्तार
जबलपुर की पॉक्सो अदालत ने एक नाबालिग को शादी का प्रलोभन देकर उसके साथ दुष्कर्म करने वाले भाई को 20 साल के कठोर कारावास की सजा से दंडित किया है। विशेष न्यायाधीश ने दोषी ममेरे भाई तीन हजार रुपये का जुर्माना लगाते हुए दो लाख रुपये प्रतिकर की राशि पीड़िता को प्रदान किए जाने के आदेश भी दिए हैं।
अदालत को अभियोजन पक्ष की ओर से बताया गया कि पीड़िता ने शिकायत दर्ज कराई थी कि वह 13-14 साल से उसके मामा के घर पर रहती है। उसके मामा कई-कई दिनों तक काम से बाहर रहते है और उसकी मामी दो साल पहले खत्म हो गई है। घर पर उसके मामा का बेटा रहता था, जो उसके साथ करीब तीन सालों से शादी का प्रलोभन देकर लगातार जबरदस्ती शारीरिक संबंध बनाता था। जब उसने ममेरे भाई को बताया कि वह गर्भवती है तो वह शादी करने के लिए टालता रहा और न ही उसे किसी डॉक्टर के पास ले गया। 18 जुलाई 2021 को सुबह अचानक उसे दर्द होने लगा तो उसे मेडिकल कॉलेज जबलपुर में भर्ती कराया। जहां पीड़िता ने बेटे को जन्म दिया। आरोपी भाई ने उस बच्चे को उसका बच्चा मानने से इंकार कर दिया। शिकायत पर अधारताल पुलिस ने आरोपी के खिलाफ दुराचार व पॉक्सो सहित अन्य धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज कर अदालत के समक्ष चालान पेश किया। सुनवाई दौरान पेश किए गए गवाह व साक्ष्यों को मद्देनजर रखते हुए अदालत ने दोषी को उक्त सजा से दंडित किया। मामले में शासन की ओर से विशेष लोक अभियोजक मनीषा दुबे ने पैरवी की।
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अदालत को अभियोजन पक्ष की ओर से बताया गया कि पीड़िता ने शिकायत दर्ज कराई थी कि वह 13-14 साल से उसके मामा के घर पर रहती है। उसके मामा कई-कई दिनों तक काम से बाहर रहते है और उसकी मामी दो साल पहले खत्म हो गई है। घर पर उसके मामा का बेटा रहता था, जो उसके साथ करीब तीन सालों से शादी का प्रलोभन देकर लगातार जबरदस्ती शारीरिक संबंध बनाता था। जब उसने ममेरे भाई को बताया कि वह गर्भवती है तो वह शादी करने के लिए टालता रहा और न ही उसे किसी डॉक्टर के पास ले गया। 18 जुलाई 2021 को सुबह अचानक उसे दर्द होने लगा तो उसे मेडिकल कॉलेज जबलपुर में भर्ती कराया। जहां पीड़िता ने बेटे को जन्म दिया। आरोपी भाई ने उस बच्चे को उसका बच्चा मानने से इंकार कर दिया। शिकायत पर अधारताल पुलिस ने आरोपी के खिलाफ दुराचार व पॉक्सो सहित अन्य धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज कर अदालत के समक्ष चालान पेश किया। सुनवाई दौरान पेश किए गए गवाह व साक्ष्यों को मद्देनजर रखते हुए अदालत ने दोषी को उक्त सजा से दंडित किया। मामले में शासन की ओर से विशेष लोक अभियोजक मनीषा दुबे ने पैरवी की।
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