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High Court: मेडिकल स्पेशलिस्ट भर्ती मामले में चयन प्रक्रिया जारी रखने के आदेश, नियुक्ति पत्र देने पर लगाई रोक
Fri, 03 Feb 2023 10:32 PM IST
दिनेश शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर
Published by: दिनेश शर्मा
Updated Fri, 03 Feb 2023 10:32 PM IST
सार
प्रदेश भर में हो रही मेडिकल स्पेशलिस्ट की भर्ती के मामले में न्यायसंगत राहत दी है। कोर्ट ने चयन प्रक्रिया जारी रखने के आदेश तो दिए हैं, लेकिन नियुक्ति पत्र देने पर रोक लगा दी।
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(सांकेतिक तस्वीर)
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने प्रदेश भर में हो रही मेडिकल स्पेशलिस्ट की भर्ती के मामले में न्यायसंगत राहत दी है। कोर्ट ने चयन प्रक्रिया जारी रखने के आदेश तो दिए हैं, लेकिन नियुक्ति पत्र देने पर रोक लगा दी। जस्टिस आनंद पाठक की एकलपीठ ने कहा कि यदि अगली सुनवाई तक सरकार जवाब पेश नहीं करती तो अंतरिम राहत के मुद्दे पर सुनवाई होगी। मामले पर अगली सुनवाई 9 फरवरी को होगी।
राज्य सरकार ने जुलाई व अगस्त में प्रदेश भर में चिकित्सा विशेषज्ञों की खाली पड़ी सीटों पर भर्ती के लिए तीन विज्ञापन जारी किए थे। इसमें वॉक-इन इंटरव्यू के जरिए पुराने नियम से चयन किया जा रहा है। विज्ञापन जारी होने के कुछ दिन बाद यानी 28 अगस्त 2022 को भर्ती नियमों में संशोधन कर दिया गया। संशोधित नियमों के अनुसार ये भर्ती अब प्रतियोगी परीक्षा के माध्यम से होना चाहिए। जबलपुर की डॉ. जोया खान समेत अलग-अलग जिलों के 14 चिकित्सकों ने याचिका दायर कर उक्त विज्ञापन को चुनौती दी। याचिकाकर्ताओं की ओर से कहा गया कि यदि सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन के तहत भर्ती प्रक्रिया के दौरान नियमों में बदलाव होता है तो भी संशोधित रूल्स के तहत ही नियुक्तियां की जानी चाहिए।
याचिकाकर्ताओं की ओर से दलील दी गई कि एक ओर सरकार चयन प्रक्रिया जारी रखे है और दूसरी ओर कोर्ट में जवाब पेश नहीं कर रही है। ऐसे में यदि नियुक्तियां होती हैं तो याचिकाकर्ताओं की वरिष्ठता प्रभावित होगी। शासन की ओर से अंडरटेकिंग दी गई कि अगली सुनवाई तक जवाब पेश कर दिया जाएगा। जिसके बाद न्यायालय ने उक्त व्यवस्था दी। याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता समदर्शी तिवारी ने पक्ष रखा।
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राज्य सरकार ने जुलाई व अगस्त में प्रदेश भर में चिकित्सा विशेषज्ञों की खाली पड़ी सीटों पर भर्ती के लिए तीन विज्ञापन जारी किए थे। इसमें वॉक-इन इंटरव्यू के जरिए पुराने नियम से चयन किया जा रहा है। विज्ञापन जारी होने के कुछ दिन बाद यानी 28 अगस्त 2022 को भर्ती नियमों में संशोधन कर दिया गया। संशोधित नियमों के अनुसार ये भर्ती अब प्रतियोगी परीक्षा के माध्यम से होना चाहिए। जबलपुर की डॉ. जोया खान समेत अलग-अलग जिलों के 14 चिकित्सकों ने याचिका दायर कर उक्त विज्ञापन को चुनौती दी। याचिकाकर्ताओं की ओर से कहा गया कि यदि सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन के तहत भर्ती प्रक्रिया के दौरान नियमों में बदलाव होता है तो भी संशोधित रूल्स के तहत ही नियुक्तियां की जानी चाहिए।
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याचिकाकर्ताओं की ओर से दलील दी गई कि एक ओर सरकार चयन प्रक्रिया जारी रखे है और दूसरी ओर कोर्ट में जवाब पेश नहीं कर रही है। ऐसे में यदि नियुक्तियां होती हैं तो याचिकाकर्ताओं की वरिष्ठता प्रभावित होगी। शासन की ओर से अंडरटेकिंग दी गई कि अगली सुनवाई तक जवाब पेश कर दिया जाएगा। जिसके बाद न्यायालय ने उक्त व्यवस्था दी। याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता समदर्शी तिवारी ने पक्ष रखा।
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