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Bhopal Gas Tragedy: भोपाल गैस त्रासदी मामले में हाईकोर्ट का आदेश,BK अग्रवाल की अध्यक्षता में बने संयुक्त कमेटी
Tue, 21 Mar 2023 09:06 PM IST
अरविंद कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर
Published by: अरविंद कुमार
Updated Tue, 21 Mar 2023 09:06 PM IST
सार
भोपाल गैस त्रासदी मामले में जस्टिस शील नागू और जस्टिस वीरेन्द्र सिंह की युगलपीठ ने पूर्व में पारित आदेश के परिपालन के लिए मॉनिटरिंग कमेटी के अध्यक्ष बीके अग्रवाल की अध्यक्षता में संयुक्त कमेटी बनाने के आदेश जारी किए हैं। कमेटी को तीन महीने की निर्धारित समय अवधि में हाईकोर्ट के समक्ष रिपोर्ट पेश करना है। याचिका पर अगली सुनवाई 12 जून को निर्धारित की गई है।
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मध्यप्रदेश हाईकोर्ट (फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
मध्यप्रदेश सर्वोच्च न्यायालय ने साल 2012 में भोपाल गैस पीड़ित महिला उद्योग संगठन सहित अन्य की ओर से दायर की गई याचिका की सुनवाई करते हुए भोपाल गैस पीड़ितों के उपचार व पुनार्वास के संबंध में 20 निर्देश जारी किए थे। इन बिंदुओं का क्रियान्वयन सुनिश्चित कर मॉनिटरिंग कमेटी का गठित करने के निर्देश भी जारी किए थे। मॉनिटरिंग कमेटी प्रत्येक तीन महीने में अपनी रिपोर्ट हाईकोर्ट के समक्ष पेश करने तथा रिपोर्ट के आधार पर हाईकोर्ट द्वारा राज्य सरकार को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करेगी। उसके बाद याचिका पर हाईकोर्ट द्वारा सुनवाई की जा रही थी।
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याचिका के लंबित रहने के दौरान मॉनिटरिंग कमेटी की अनुशंसाओं का परिपालन नहीं किए जाने के खिलाफ भी अवमानना याचिका दायर की गई थी। अवमानना याचिका में कहा गया था कि गैस त्रासदी के पीड़ित व्यक्तियों के हेल्थ कार्ड तक नहीं बने हैं। अस्पतालों में आवश्यकतानुसार उपकरण और दवाएं उपलब्ध नहीं हैं। बीएमएचआरसी के भर्ती नियम का निर्धारण नहीं होने के कारण डॉक्टर व पैरा मेडिकल स्टॉफ स्थाई तौर पर अपनी सेवाएं प्रदान नहीं करते हैं।
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याचिकाकर्ता की तरफ से मॉनिटरिंग कमेटी की रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा गया कि आयुष्मान योजना के तहत सिर्फ कैंसर का उपचार होता है। जांच और अन्य उपचार के लिए गैस पीड़ितों को भुगतान करना पड़ रहा है। युगलपीठ ने सितंबर 2021 में आदेश जारी किए थे कि एम्स भोपाल में गैस पीड़ितों का फ्री में उपचार किया जाए। गैस पीड़ितों के डिजिटल कार्ड नहीं बने हैं, जिसके कारण उन्हें यह सुविधा नहीं मिल रही है। युगलपीठ ने नेशनल इंफॉरमेशन सेन्टर के डायरेक्टर को गैस पीड़ितों के डिजिटल कार्ड बनाकर 20 फरवरी तक न्यायालय में परिपालन रिपोर्ट पेश करने के आदेश दिए हैं। इसके अलावा मॉनिटरिंग कमेटी के स्टेनोग्राफर को भुगतान करने के निर्देश सरकार को दिए थे।
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याचिका की सुनवाई के दौरान युगलपीठ को बताया गया कि नेशनल इंफॉर्मेशन सेन्टर, आईसीएमआर, भोपाल गैस राहत एवं पुनर्वास विभाग सहित अन्य विभाग के अलग-अलग होने के कारण आदेश के परिपालन में दिक्कत हो रही है। इसके अलावा सरकार ने स्टेनोग्राफर को वेतन दिए जाने के संबंध में पारित आदेश को वापस लेने का आग्रह किया गया। युगलपीठ को बताया गया कि वेतन रोगी कल्याण समिति के मद से दिया जाता है। युगलपीठ ने सुनवाई के बाद आदेश के परिपालन में मॉनिटरिंग कमेटी के अध्यक्ष बीके अग्रवाल की अध्यक्षता में संयुक्त कमेटी बनाने के निर्देश दिये हैं। कमेटी आदेश के परिपालन के लिए तीन महीने में रिपोर्ट पेश करेगी। याचिकाकर्ता की तरफ से अधिवक्ता अंकित साहू ने पैरवी की।
