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Jabalpur: करोड़ों के घोटाले पर सरकार ने कहा- सजा देकर जारी किए रिकवरी आदेश, हाईकोर्ट ने मांगी स्टेटस रिपोर्ट
Wed, 16 Nov 2022 11:10 PM IST
दिनेश शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर
Published by: दिनेश शर्मा
Updated Wed, 16 Nov 2022 11:10 PM IST
सार
अनूपपुर जिले की आदिवासी बाहुल्य बिजुरी नगर परिषद में करोड़ों का भ्रष्टाचार होने के बावजूद भी दोषियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं किए जाने को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई थी।
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मध्य प्रदेश हाईकोर्ट (फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले की आदिवासी बाहुल्य बिजुरी नगर परिषद में करोड़ों का भ्रष्टाचार होने के बावजूद भी दोषियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं किए जाने को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई थी। सरकार की तरफ से विभागीय जांच की अंतिम रिपोर्ट पेश करते हुए बताया गया कि 11 दोषियों को दंडित करते हुए रिकवरी के आदेश जारी कर दिए गए हैं। हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस रवि विजय कुमार मलिमथ तथा जस्टिस विशाल मिश्रा ने कार्रवाई की स्टेटस रिपोर्ट पेश करने के आदेश जारी करते हुए अगली सुनवाई जनवरी के प्रथम सप्ताह में निर्धारित की है।
बता दें कि बिजुरी निवासी राजेश द्विवेदी की तरफ से दायर जनहित याचिका में कहा गया था कि बिजुरी नगर परिषद अविकसित है और बहुसंख्यक आबादी आदिवासी है। नगर परिषद बिजुरी द्वारा एवं अन्य अधिकारियों की संरक्षण में 50 करोड़ रुपये से अधिक का भ्रष्टाचार होने संबंधित खबर अखबार में प्रकाशित हुई थी। ऑडिट रिपोर्ट्स में भी नगर परिषद बिजुरी द्वारा एक बड़े भ्रष्टाचार को उजागर किया गया था। व्याप्त भ्रष्टाचार और आदिवासियों डेवलपमेंट के लिए दिए गए पैसों का अनैतिक दुरुपयोग के संबंध में संचालक शहरी प्रशासन और विकास निदेशालय भोपाल मप्र तथा सह संचालक शहरी प्रशासन और विकास निदेशालय शहडोल एवं आर्थिक अपराध शाखा भोपाल को जांच करने पत्र लिखे गए। जिस पर जांच के आदेश हुए और भ्रष्टाचारी होने के संबंध में जांच प्रतिवेतन भी प्रस्तुत किए गए। इसके बावजूद भी दोषियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई।
याचिका की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट को बताया गया था कि जांच में कुल 26 व्यक्तियों को दोषी पाए गए हैं। जिसमें 18 विभागीय व्यक्तियों के खिलाफ विभागीय जांच के आदेश जारी कर दिए हैं। याचिका की सुनवाई के दौरान युगलपीठ को बताया गया कि तत्कानील सीएमओ मीना कोरी के खिलाफ दो वेतन वृद्धि रोकने तथा 19 लाख रुपये की रिकवरी की कार्रवाई की गई है। सब इंजीनिजन वंदना अवस्थी के खिलाफ दो वेतन वृद्धि रोकने तथा 27 लाख 68 हजार रुपये की रिकवरी, कमला कौल के खिलाफ दो वेतन वृद्धि रोकने तथा 12 लाख 24 हजार रुपये की रिकवरी की कार्रवाई की गई है। इसके अलावा अन्य 8 के खिलाफ रिकवरी, सेवा से बर्खास्त करने तथा चेतावनी की कार्रवाई की गई है। याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता धीरज कुमार तिवारी ने पक्ष रखा।
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बता दें कि बिजुरी निवासी राजेश द्विवेदी की तरफ से दायर जनहित याचिका में कहा गया था कि बिजुरी नगर परिषद अविकसित है और बहुसंख्यक आबादी आदिवासी है। नगर परिषद बिजुरी द्वारा एवं अन्य अधिकारियों की संरक्षण में 50 करोड़ रुपये से अधिक का भ्रष्टाचार होने संबंधित खबर अखबार में प्रकाशित हुई थी। ऑडिट रिपोर्ट्स में भी नगर परिषद बिजुरी द्वारा एक बड़े भ्रष्टाचार को उजागर किया गया था। व्याप्त भ्रष्टाचार और आदिवासियों डेवलपमेंट के लिए दिए गए पैसों का अनैतिक दुरुपयोग के संबंध में संचालक शहरी प्रशासन और विकास निदेशालय भोपाल मप्र तथा सह संचालक शहरी प्रशासन और विकास निदेशालय शहडोल एवं आर्थिक अपराध शाखा भोपाल को जांच करने पत्र लिखे गए। जिस पर जांच के आदेश हुए और भ्रष्टाचारी होने के संबंध में जांच प्रतिवेतन भी प्रस्तुत किए गए। इसके बावजूद भी दोषियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई।
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याचिका की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट को बताया गया था कि जांच में कुल 26 व्यक्तियों को दोषी पाए गए हैं। जिसमें 18 विभागीय व्यक्तियों के खिलाफ विभागीय जांच के आदेश जारी कर दिए हैं। याचिका की सुनवाई के दौरान युगलपीठ को बताया गया कि तत्कानील सीएमओ मीना कोरी के खिलाफ दो वेतन वृद्धि रोकने तथा 19 लाख रुपये की रिकवरी की कार्रवाई की गई है। सब इंजीनिजन वंदना अवस्थी के खिलाफ दो वेतन वृद्धि रोकने तथा 27 लाख 68 हजार रुपये की रिकवरी, कमला कौल के खिलाफ दो वेतन वृद्धि रोकने तथा 12 लाख 24 हजार रुपये की रिकवरी की कार्रवाई की गई है। इसके अलावा अन्य 8 के खिलाफ रिकवरी, सेवा से बर्खास्त करने तथा चेतावनी की कार्रवाई की गई है। याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता धीरज कुमार तिवारी ने पक्ष रखा।
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