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Jabalpur News: ईडब्ल्यूएस को आयु सीमा लाभ मामले में सुनवाई पूरी, हाईकोर्ट ने रखा फैसला सुरक्षित

Mon, 24 Feb 2025 11:01 PM IST
जबलपुर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर Published by: जबलपुर ब्यूरो Updated Mon, 24 Feb 2025 11:01 PM IST
सार

सोमवार को हुई सुनवाई के दौरान युगलपीठ ने सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद फैसला सुरक्षित रखने के आदेश जारी किए। इससे पूर्व में हुई सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने यूपीएससी को निर्देश दिया था कि याचिकाकर्ता सहित सभी समान स्थिति वाले उम्मीदवारों के आवेदन स्वीकार किए जाएं, भले ही वे वर्तमान योग्यता या आयु मानदंडों को पूरा न करते हों।

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Hearing completed in EWS age limit benefit case
मध्यप्रदेश हाईकोर्ट, जबलपुर - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

यूपीएससी परीक्षा में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) के उम्मीदवारों को अन्य आरक्षित वर्गों की तरह छूट प्रदान करने की मांग को लेकर जबलपुर हाईकोर्ट में याचिकाएं दायर की गई थीं। हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश सुरेश कुमार कैत और न्यायमूर्ति विवेक जैन की युगलपीठ ने सुनवाई के बाद फैसला सुरक्षित रखने के आदेश जारी किए हैं।
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सतना निवासी आदित्य नारायण पांडेय सहित दायर की गई 20 याचिकाओं में कहा गया था कि ईडब्ल्यूएस उम्मीदवारों को आरक्षित श्रेणी में रखा गया है। लेकिन, इसके बावजूद उन्हें आयु सीमा सहित अन्य छूट प्रदान नहीं की जाती। याचिका में कहा गया था कि यूपीएससी ने वर्ष 2025 में 979 पदों के लिए प्रारंभिक परीक्षा 25 मई को आयोजित करने की घोषणा की है। इसमें ईडब्ल्यूएस वर्ग के उम्मीदवारों के लिए आयु सीमा और प्रयासों की संख्या सामान्य वर्ग की तरह निर्धारित की गई है, जबकि अन्य आरक्षित वर्गों को छूट प्रदान की गई है।
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हाईकोर्ट ने दिए थे आवेदन स्वीकार करने के निर्देश
पूर्व में हुई सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने यूपीएससी को निर्देश दिया था कि याचिकाकर्ता सहित सभी समान स्थिति वाले उम्मीदवारों के आवेदन स्वीकार किए जाएं, भले ही वे वर्तमान योग्यता या आयु मानदंडों को पूरा न करते हों। यह आदेश सामाजिक न्याय और समानता के सिद्धांतों पर आधारित था, ताकि ईडब्ल्यूएस वर्ग के उम्मीदवारों को अन्य आरक्षित वर्गों के समान अवसर मिल सकें। युगलपीठ ने अपने आदेश में स्पष्ट किया था कि अंतिम नियुक्ति याचिका के अंतिम आदेश के अधीन रहेगी।
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सरकार और यूपीएससी का पक्ष
पिछली सुनवाई के दौरान यूपीएससी की ओर से हाईकोर्ट को बताया गया कि डीओपीटी की गाइडलाइन में ईडब्ल्यूएस वर्ग को आयु सीमा में छूट देने का कोई प्रावधान नहीं है। सरकार की ओर से कहा गया कि ईडब्ल्यूएस वर्ग को 10% आरक्षण प्रदान किया गया है, लेकिन आयु सीमा सहित अन्य छूट नहीं दी गई। याचिकाकर्ताओं की ओर से तर्क दिया गया कि ओबीसी वर्ग को भी आर्थिक आधार पर आरक्षण का लाभ और छूट दोनों प्रदान की जाती हैं। क्रीमी लेयर के अंतर्गत आने वाले ओबीसी अभ्यर्थियों को आरक्षण का लाभ नहीं दिया जाता, लेकिन अन्य सुविधाएं मिलती हैं। युगलपीठ ने सभी पक्षकारों को अपने तर्क लिखित रूप में प्रस्तुत करने के निर्देश दिए थे।


फैसला सुरक्षित रखा गया
सोमवार को हुई सुनवाई के दौरान युगलपीठ ने सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद फैसला सुरक्षित रखने के आदेश जारी किए। याचिकाकर्ताओं की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल, वरिष्ठ अधिवक्ता रामेश्वर सिंह ठाकुर, अधिवक्ता ध्रुव वर्मा उपस्थित हुए। वहीं, यूपीएससी की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता नरेश कौशिक तथा केंद्र सरकार की ओर से असिस्टेंट सॉलिसिटर जनरल और वरिष्ठ अधिवक्ता पुष्पेंद्र यादव ने पैरवी की।
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