फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Jabalpur News ›   MP High Court Government should take decision four weeks to provide benefit of sixth pay scale to pensioners

MP High Court: पेंशनर्स को छठे वेतनमान का लाभ प्रदान करने सरकार ले चार सप्ताह में निर्णय, HC ने दिए आदेश

Sat, 19 Oct 2024 08:47 PM IST
जबलपुर ब्यूरो न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर Published by: जबलपुर ब्यूरो Updated Sat, 19 Oct 2024 08:47 PM IST
सार

पेंशनर्स वेलफेयर एसोसिएशन की तरफ से दायर की गई याचिका में मध्यप्रदेश वेतन संशोधन नियम, 2009 के नियम नौ को चुनौती दी गई थी। इसके अनुसार प्रत्येक वर्ष एक जुलाई को वार्षिक वेतन वृद्धि के लिए एक समान तिथि निर्धारित की गई है।

विज्ञापन
MP High Court Government should take decision four weeks to provide benefit of sixth pay scale to pensioners
मध्यप्रदेश हाईकोर्ट, जबलपुर - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

पेंशनर्स वेलफेयर एसोसिएशन की तरफ से दायर याचिका की सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस सुरेश कुमार कैत तथा जस्टिस विवेक जैन की युगलपीठ ने सरकार को निर्देशित किया है कि चार सप्ताह में छठे वेतनमान का लाभ देने पर विचार करें। युगलपीठ ने अपने आदेश में कहा है कि सरकार निर्णय लेने के पूर्व छत्तीसगढ़ राज्य और उत्तर प्रदेश राज्य द्वारा लिए गए निर्णय पर गौर करेंगे।

विज्ञापन


पेंशनर्स वेलफेयर एसोसिएशन की तरफ से दायर की गई याचिका में मध्यप्रदेश वेतन संशोधन नियम, 2009 के नियम नौ को चुनौती दी गई थी, जिसके अनुसार प्रत्येक वर्ष एक जुलाई को वार्षिक वेतन वृद्धि के लिए एक समान तिथि निर्धारित की गई है, जिन कर्मचारियों की वेतन वृद्धि एक जनवरी से 31 जुलाई के बीच थी। उन्हें इस लाभ 13 से 18 महीने बाद प्रदान किया गया।
विज्ञापन


याचिका में कहा गया था कि केंद्र सरकार ने 19 मार्च 2012 को छठे वेतनमान के नियमों में संशोधन किया था, जिन कर्मचारियों की वेतन वृद्धि एक जनवरी से 31 जुलाई के बीच थी। उन्हें इस लाभ 13 से 18 महीने बाद प्रदान किया गया। मध्यप्रदेश वेतन संशोधन नियम, 2009 के नियम नौ उन सरकारी कर्मचारियों को अतिरिक्त वेतन वृद्धि से वंचित कर रहा है, जनवरी और जून 2006 के बीच वेतन वृद्धि के लिए पात्र थे, जिसके कारण उन्हें वित्तीय नुकसान हो रहा है।  
विज्ञापन
विज्ञापन


युगलपीठ ने याचिका का निराकरण करते हुए अपने आदेश में कहा है कि सरकार इस संबंध में चार सप्ताह में निर्णय लेकर याचिकाकर्ताओं को अवगत करवाए। छत्तीसगढ़ राज्य और उत्तर प्रदेश राज्य द्वारा लिए गए निर्णय पर गौर करेंगे। सरकार याचिकाकर्ताओं के पक्ष में निर्णय नहीं लेती है तो वह उचित फोरम के समक्ष उसे चुनौती देने स्वतंत्र है।   

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed