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प्रमोशन में आरक्षण मामला: हाईकोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखा, 13 जुलाई को अगली होगी सुनवाई

Tue, 07 Jul 2026 09:17 PM IST
जबलपुर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर Published by: जबलपुर ब्यूरो Updated Tue, 07 Jul 2026 09:17 PM IST
सार

जबलपुर हाईकोर्ट में प्रमोशन में आरक्षण मामले की सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ताओं ने सरकार पर आश्वासन के बावजूद प्रमोशन सूची जारी करने और डीपीसी कराने का आरोप लगाया। कोर्ट ने आदेश सुरक्षित रखते हुए मामले की अगली सुनवाई 13 जुलाई तय की है।

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Government granting promotions following a verbal undertaking.
जबलपुर हाईकोर्ट - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मध्य प्रदेश में प्रमोशन में आरक्षण से जुड़ी याचिकाओं पर मंगलवार को हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। कार्यवाहक चीफ जस्टिस विवेक रूसिया और जस्टिस प्रदीप मित्तल की युगलपीठ के समक्ष याचिकाकर्ताओं की ओर से कहा गया कि सरकार ने अदालत में मौखिक आश्वासन देने के बावजूद कुछ विभागों में प्रमोशन सूची जारी कर दी है और विभिन्न विभागों में विभागीय पदोन्नति समिति (डीपीसी) की प्रक्रिया भी जारी है। इससे आगे चलकर प्रशासनिक जटिलताएं पैदा हो सकती हैं। सुनवाई के बाद युगलपीठ ने इस मुद्दे पर अपना आदेश सुरक्षित रख लिया और मामले की अगली सुनवाई 13 जुलाई को तय की है।

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गौरतलब है कि भोपाल निवासी स्वाति तिवारी सहित अन्य याचिकाकर्ताओं ने प्रमोशन में आरक्षण को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट में याचिका दायर की है। याचिका में कहा गया है कि राज्य सरकार की नई प्रमोशन नीति और पुरानी नीति में कोई वास्तविक अंतर नहीं है। पिछली सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से मौखिक रूप से कहा गया था कि नई प्रमोशन नीति फिलहाल लागू नहीं की जाएगी। मंगलवार को हुई सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से अदालत को बताया गया कि मामले में महाधिवक्ता पैरवी करेंगे, जो इंदौर से आने वाले हैं। इस आधार पर सुनवाई आगे बढ़ाने का अनुरोध किया गया।
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इस पर याचिकाकर्ताओं की ओर से कहा गया कि महाधिवक्ता के आश्वासन के बावजूद सरकार ने कुछ विभागों में प्रमोशन सूची जारी कर दी है और डीपीसी की प्रक्रिया भी जारी रखी है। उनका तर्क था कि यदि इस दौरान पदोन्नतियां दी गईं तो भविष्य में प्रशासनिक और कानूनी जटिलताएं उत्पन्न हो सकती हैं। वहीं, अजाक्स (AJAKS) की ओर से अदालत में कहा गया कि हाईकोर्ट ने अब तक प्रमोशन पर रोक लगाने संबंधी कोई आदेश पारित नहीं किया है। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद युगलपीठ ने फैसला सुरक्षित रखते हुए मामले की अगली सुनवाई 13 जुलाई को निर्धारित कर दी। याचिकाकर्ताओं की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता मनोज शर्मा और अजाक्स की ओर से अधिवक्ता रामेश्वर सिंह ने पैरवी की।

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