फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Jabalpur News ›   EWS quota seats should be increased in private medical colleges

Jabalpur News: निजी मेडिकल कॉलेज में ईडब्ल्यूएस कोटे की सीट बढ़ाई जाए, हाईकोर्ट का अहम आदेश

Mon, 23 Dec 2024 11:24 PM IST
जबलपुर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर Published by: जबलपुर ब्यूरो Updated Mon, 23 Dec 2024 11:24 PM IST
सार

जबलपुर हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को निर्देश दिया कि अगले शैक्षिक वर्ष से निजी मेडिकल कॉलेजों में आर्थिक रूप से पिछड़े वर्ग (ईडब्ल्यूएस) के लिए सीटें बढ़ाई जाएं। यह आदेश एक वर्ष में लागू करने को कहा गया है। 

विज्ञापन
EWS quota seats should be increased in private medical colleges
high court

विस्तार

हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस सुरेश कुमार कैत और जस्टिस विवेक जैन की युगलपीठ ने राज्य सरकार को निर्देश दिया कि अगले शैक्षिक वर्ष से प्रदेश के निजी मेडिकल कॉलेजों में आर्थिक रूप से पिछड़े वर्ग (ईडब्ल्यूएस) के लिए सीटें बढ़ाई जाएं। युगलपीठ ने इस प्रक्रिया को पूरा करने के लिए एक वर्ष का समय दिया है।

विज्ञापन

विज्ञापन

जबलपुर निवासी छात्र अथर्व चतुर्वेदी ने याचिका दायर कर कहा था कि उसने ईडब्ल्यूएस सामान्य वर्ग से नीट परीक्षा दी थी और 720 में से 530 अंक प्राप्त किए थे। इसके बावजूद, उसे निजी मेडिकल कॉलेज में कम अंक प्राप्त करने वाले एनआरआई कोटे और शासकीय स्कूल कोटे के अनारक्षित वर्ग के उम्मीदवारों को सीटें आवंटित की गईं, जबकि वह सीट पाने से वंचित रह गया।

विज्ञापन
विज्ञापन

याचिका में मप्र शासन के उस नोटिफिकेशन को चुनौती दी गई, जिसमें प्रदेश में सत्र 2024-25 के लिए मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश के लिए नियम तय किए गए थे। शासन ने निजी मेडिकल कॉलेजों में ईडब्ल्यूएस वर्ग के लिए सीटें आरक्षित नहीं की थीं, जबकि सरकारी मेडिकल कॉलेजों में यह आरक्षण दिया गया था। याचिकाकर्ता की दलील थी कि केन्द्र सरकार ने 2019 में ही इस संबंध में अधिसूचना जारी कर दी थी, लेकिन मप्र शासन ने इस पर अमल नहीं किया, जिससे ईडब्ल्यूएस उम्मीदवार निजी मेडिकल कॉलेजों में सीटें पाने से वंचित रह गए।

शासन ने दलील दी कि नीट परीक्षा की शुरुआत से याचिकाकर्ता को नियमों की जानकारी थी और प्रवेश प्रक्रिया पूरी हो चुकी थी, इसलिए नियमों में बदलाव संभव नहीं था। इसके अलावा, नेशनल मेडिकल कमीशन ने निजी मेडिकल कॉलेजों में सीटें बढ़ाने का निर्देश नहीं दिया था, इसलिए ईडब्ल्यूएस के लिए आरक्षण का प्रावधान नहीं रखा गया। युगलपीठ ने याचिका का निराकरण करते हुए आदेश जारी किए।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed