फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Jabalpur News ›   DEO and police station in-charge revealed the name of the rape victim

Jabalpur News: डीईओ तथा थाना प्रभारी ने किया दुष्कर्म पीड़िता का नाम उजागर, हाईकोर्ट ने डीजीपी से मांगा जवाब

Fri, 21 Mar 2025 10:25 PM IST
जबलपुर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर Published by: जबलपुर ब्यूरो Updated Fri, 21 Mar 2025 10:25 PM IST
सार

हाईकोर्ट ने नाबालिग दुष्कर्म पीड़िता का नाम उजागर करने के मामले में जिला शिक्षा अधिकारी और बेलखेड़ा थाना प्रभारी को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। याचिका में उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की गई थी। कोर्ट ने डीजीपी, कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक से भी चार सप्ताह में जवाब मांगा है।

विज्ञापन
DEO and police station in-charge revealed the name of the rape victim
मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय, जबलपुर - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

जिला शिक्षा अधिकारी और बेलखेड़ा थाना प्रभारी द्वारा नाबालिग दुष्कर्म पीड़िता का नाम उजागर करने के मामले में हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई। याचिका में मांग की गई कि दोनों अधिकारियों के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर सख्त कार्रवाई की जाए। हाईकोर्ट के जस्टिस विशाल धगट की एकलपीठ ने मामले की सुनवाई करते हुए डीजीपी, कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक, जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) और बेलखेड़ा थाना प्रभारी को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
विज्ञापन


बता दें कि नगर कांग्रेस अध्यक्ष सौरभ नाटी शर्मा द्वारा दायर याचिका में कहा गया कि बेलखेड़ा थाना क्षेत्र के एक स्कूल में नाबालिग छात्रा के साथ शिक्षक ने दुष्कर्म किया था। इस मामले में पुलिस ने आरोपी शिक्षक के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया था। चूंकि आरोपी शासकीय कर्मचारी था, इसलिए बेलखेड़ा थाना प्रभारी ने जिला शिक्षा अधिकारी को पत्र लिखकर इस बारे में सूचित किया। हालांकि, इस पत्र में पीड़िता का नाम उजागर कर दिया गया, जो कि कानून का उल्लंघन है।
विज्ञापन


ये भी पढ़ें -  करोड़ों की वित्तीय अनियमितता के मामले में लोकायुक्त जांच के निर्देश, छह माह में मांगी रिपोर्ट
विज्ञापन
विज्ञापन


इसके बाद, जिला शिक्षा अधिकारी घनश्याम सोनी ने आरोपी शिक्षक को निलंबित कर दिया, लेकिन उनके निलंबन आदेश में भी नाबालिग पीड़िता का नाम स्पष्ट रूप से लिख दिया गया। याचिका में दलील दी गई कि दुष्कर्म पीड़िता का नाम उजागर करना कानूनन अपराध है और इसमें दो साल तक की सजा और आर्थिक दंड का प्रावधान है।

ये भी पढ़ें -  अतिक्रमण के कारण राज्यमार्ग की चौड़ाई हुई कम, हाईकोर्ट ने दिए चार सप्ताह में हटाने के आदेश

याचिका पर सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट की एकलपीठ ने प्राथमिक रूप से मामले को गंभीरता से लेते हुए अनावेदकों (प्रशासनिक अधिकारियों) को नोटिस जारी कर चार सप्ताह के भीतर जवाब देने का निर्देश दिया है। अदालत ने स्पष्ट किया कि यदि अधिकारियों की लापरवाही साबित होती है, तो उनके खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई की जाएगी। अब इस मामले में संबंधित अधिकारियों से जवाब मिलने के बाद अगली सुनवाई होगी, जिसमें यह तय किया जाएगा कि दोषी अधिकारियों के खिलाफ क्या कार्रवाई की जानी चाहिए। अगली सुनवाई चार सप्ताह बाद निर्धारित की गई है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed