Jabalpur News: DEO को अवमानना नोटिस, आदेश के बाद भी प्रभारी प्राचार्य का दायित्व नहीं सौंपे जाने पर कोर्ट सख्त
हाईकोर्ट ने जिला शिक्षा अधिकारी पर अवमानना नोटिस जारी किया, क्योंकि आदेश के बावजूद याचिकाकर्ता रामप्यारे प्रजापति को प्रभारी प्राचार्य का दायित्व नहीं सौंपा गया। मामले में गंभीरता दिखाते हुए स्पष्टीकरण मांगा गया है।
विस्तार
हाईकोर्ट में जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा पूर्व में पारित आदेश का पालन नहीं करने के मामले में अवमानना याचिका दायर की गई। हाईकोर्ट की जस्टिस विशाल मिश्रा की एकलपीठ ने आदेश का अनुपालन न करने पर सख्त रुख अपनाते हुए जिला शिक्षा अधिकारी को अवमानना नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
याचिका पन्ना जिले की गुन्नौर तहसील के ग्राम चौकी पोस्ट सैटेनिया निवासी रामप्यारे प्रजापति की ओर से दायर की गई। इसमें कहा गया कि आयुक्त लोक शिक्षण के आदेश के अनुसार उन्हें शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, बराछ, विकासखंड पन्ना में प्रभारी प्राचार्य के रूप में कार्यभार सौंपा गया था। हालांकि, जिला शिक्षा अधिकारी ने इस आदेश के विरुद्ध उच्च माध्यमिक शिक्षक उषा सुनकर को प्रभारी प्राचार्य नियुक्त कर दिया। इस नियुक्ति को चुनौती देते हुए रामप्यारे प्रजापति ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी।
हाईकोर्ट की एकलपीठ ने याचिका की सुनवाई के दौरान जिला शिक्षा अधिकारी के आदेश को निरस्त कर रामप्यारे प्रजापति को प्रभारी प्राचार्य का दायित्व सौंपने का निर्देश दिया था। लेकिन कोर्ट के आदेश के बावजूद जिला शिक्षा अधिकारी रवि प्रकाश खरे ने प्रजापति को यह दायित्व नहीं सौंपा। इस कारण रामप्यारे प्रजापति ने अवमानना याचिका दायर की।
हाईकोर्ट ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जिला शिक्षा अधिकारी को अवमानना नोटिस जारी किया है और उनसे स्पष्टीकरण मांगा है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि आदेश का पालन न करना न्यायिक प्रक्रिया की अवमानना है, जो बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
यह मामला सरकारी अधिकारियों द्वारा न्यायालय के आदेशों की अनदेखी का उदाहरण है, जिस पर हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है।
