Jabalpur: स्कूलों के खिलाफ सख्त कार्रवाई पर सशर्त रोक, हाईकोर्ट ने आधा दर्जन स्कूलों की याचिका पर दिए निर्देश
मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने जबलपुर के छह स्कूलों की याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए जिला प्रशासन को जांच पूरी होने तक सख्त कार्रवाई से रोक दिया। स्कूलों ने प्रशासन द्वारा स्कूल फीस और पुस्तकों में कथित भ्रष्टाचार की जांच को चुनौती दी थी।
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मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने जबलपुर के आधा दर्जन स्कूलों द्वारा दायर याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए जिला प्रशासन को जांच पूरी होने तक किसी भी सख्त कार्रवाई से रोक दिया है। मुख्य न्यायाधीश सुरेश कुमार कैत और न्यायमूर्ति विवेक जैन की युगलपीठ ने निर्देश दिया कि जांच पूरी होने के बाद ही उसके परिणामों के आधार पर कार्रवाई की जाए। इस आदेश के साथ युगलपीठ ने याचिकाओं का निराकरण किया।
स्कूलों ने अपनी याचिकाओं में जिला प्रशासन की जांच को चुनौती दी थी, जो स्कूल फीस और पुस्तकों में कथित भ्रष्टाचार से संबंधित है। याचिकाकर्ताओं ने तर्क दिया कि प्रशासन स्कूल फीस अधिनियम के तहत नहीं, बल्कि भारतीय दंड संहिता (IPC) के प्रावधानों के तहत कार्रवाई कर रहा है, जो अवैध है।
सरकार ने दलील दी कि केवल उन मामलों में एफआईआर दर्ज की गई है, जहां अनियमितताएं पाई गई हैं। संबंधित स्कूल प्राचार्यों और प्रबंधकों को भी इन मामलों में गिरफ्तार किया गया है।
युगलपीठ ने जांच लंबित रहने तक कार्रवाई रोकने का आदेश देते हुए कहा कि जिला प्रशासन जांच पूरी होने के बाद स्वतंत्र रूप से निर्णय ले सकता है। स्कूलों की ओर से अधिवक्ता अंशुमान सिंह ने पक्ष रखा।
