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MP High Court: विधि छात्रों का रिजल्ट रोकने को चुनौती, रादुविवि कुलपति सहित अन्य को नोटिस जारी
Tue, 22 Oct 2024 10:41 PM IST
जबलपुर ब्यूरो
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर
Published by: जबलपुर ब्यूरो
Updated Tue, 22 Oct 2024 10:41 PM IST
सार
मामला महाकौशल लॉ स्टूडेंट एसोसिएशन सोसायटी के अध्यक्ष अंकुश चौधरी की ओर से दायर किया गया है। इसमें कहा गया है कि रादुविवि ने उससे संबद्ध कई लॉ कॉलेजों के तृतीय व पांचवें सेमेस्टर का परीक्षा परिणाम रोक लिया है।
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मध्यप्रदेश हाईकोर्ट, जबलपुर
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने छात्रों का रिजल्ट रोकने पर रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय से जवाब-तलब किया है। चीफ जस्टिस सुरेश कुमार कैत व जस्टिस विवेक जैन की युगलपीठ ने उच्च शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव, रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय के कुलपति, रजिस्ट्रार व परीक्षा नियंत्रक को नोटिस जारी कर दो सप्ताह में जवाब पेश करने के निर्देश दिये हैं।
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यह मामला महाकौशल लॉ स्टूडेंट एसोसिएशन सोसायटी के अध्यक्ष अंकुश चौधरी की ओर से दायर किया गया है, जिसमें कहा गया है कि रादुविवि ने उससे संबद्ध कई लॉ कॉलेजों के तृतीय व पांचवें सेमेस्टर का परीक्षा परिणाम रोक लिया है। याचिका में बताया गया कि उन छात्रों का रिजल्ट रोका गया है, जिन्होंने पहले सेमेस्टर या चौथे सेमेस्टर में एटीकेटी परीक्षा दी थी। आवेदक की ओर से कहा गया कि एटीकेटी परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद भी तृतीय व पांचवें सेमेस्टर का परिणाम रोक लिया गया।
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न्यायालय को बताया गया कि करीब तीन सौ से अधिक ऐसे छात्र हैं, जिनका रिजल्ट रोका गया है। इनमें सरदार पटेल लॉ कॉलेज, हितकारिणी लॉ कॉलेज, एपीएन, मदर टेरेसा, खालसा महानद्दा के अलावा नरसिंहपुर व अन्य विधि महाविद्यालयों के छात्र शामिल हैं। याचिका के साथ ऐसे छात्रों के एडमिट कार्ड व अन्य दस्तावेज भी प्रस्तुत किए गए हैं। वहीं, रादुविवि की ओर से न्यायालय को बताया गया कि किसी भी ऐसे छात्र का रिजल्ट नहीं रोका गया है, जिसने रिपीट परीक्षा दी है। सुनवाई पश्चात न्यायालय ने अनावेदकों को नोटिस जारी कर जवाब पेश करने के निर्देश दिये हैं।
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अध्यक्ष-सचिव को स्कूल लेकर पहुंची पुलिस
25 करोड़ से ज्यादा की अवैध फीस वसूली मामले में स्कूल संचालन समिति अध्यक्ष और सचिव को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था। जिन्हें मंगलवार को पुलिस स्कूल लेकर पहुंची। जांच पड़ताल की, इस दौरान पुस्तकें, दस्तावजे जब्त किए गए। इसके बाद दोनों को कोर्ट में पेश किया गया। जहां एजुकेशन सोसायटी के अध्यक्ष अखिलेश मेबिन की दो दिन की रिमांड और बढ़ गई तो वहीं सचिव अनुराग श्रीवास्तव को जेल भेज दिया गया है।
विदित हो कि जॉय सीनियर सेकेंडरी स्कूल मैनेजमेंट के विरुद्ध प्रशासन को आय-व्यय की जानकारी देने में भी हेरफेर का आरोप है। स्कूल ने 25 करोड़ से ज्यादा की राशि को अन्य स्त्रोत से प्राप्त आय दर्शाई। ऐसे में प्रशासन और पुलिस ने स्कूल प्रबंधन पर विजय नगर थाने में एफआईआर दर्ज की है। स्टूडेंट और अभिभावकों की शिकायत के बाद स्कूल शिक्षा विभाग ने मामले की जांच की।
जांच में 15 हजार 600 बच्चों से 25 करोड़ 21 लाख रुपये की ज्यादा फीस वसूली की बात सामने आई है। जॉय सीनियर सेकेंडरी स्कूल ने नियमानुसार स्वीकृति लिए बिना ही 10 प्रतिशत से ज्यादा फीस वृद्धि कर दी और अभिभावकों से पैसे वसूल लिए। इतना ही नहीं, 25 करोड़ से ज्यादा राशि को धोखाधड़ी करते हुए अन्य स्रोत से मिली रकम दर्शाई। लाखों रुपये की फीस की राशि को दान में मिली राशि बताई।
