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Jabalpur: पूर्व बिशप सहित तीन के खिलाफ आठ हजार से अधिक पन्नों का चालान पेश, जमानत आवेदन खारिज
Mon, 05 Dec 2022 07:37 PM IST
दिनेश शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर
Published by: दिनेश शर्मा
Updated Mon, 05 Dec 2022 07:37 PM IST
सार
पूर्व बिशप पीसी सिंह सहित तीन के खिलाफ ईओडब्ल्यू ने सोमवार को न्यायालय में चालान पेश कर दिया। पीसी सिंह शैक्षणिक संस्थाओं की राशि के दुरुपयोग तथा मिशन की संपत्ति में फर्जीवाड़ा करने के आरोप में जेल में बंद है।
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पीसी सिंह के खिलाफ देशभर के अलग-अलग राज्यों में 60 मामले दर्ज हैं।
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
जबलपुर में शैक्षणिक संस्थाओं की राशि के दुरुपयोग तथा मिशन की संपत्ति में फर्जीवाड़ा करने के आरोप में जेल में बंद पूर्व बिशप पीसी सिंह सहित तीन के खिलाफ ईओडब्ल्यू ने सोमवार को न्यायालय में चालान पेश कर दिया। ईओडब्ल्यू ने विभिन्न धाराओं के तहत आठ हजार पन्नों का चालान पेश किया। विशेष न्यायाधीश ने सुनवाई के बाद पूर्व बिशप के जमानत आवेदन को खारिज कर दिया।
गौरतलब है कि ईओडब्ल्यू की टीम ने 8 सितंबर को तत्कालीन बिशप पीसी सिंह के नेपियर टाउन स्थित कार्यालय तथा घर में दबिश दी थी। दबिश के दौरान 80 लाख का सोना, 1 करोड़ 65 लाख रुपये नगद, 48 बैंक खाते, 18352 यूएस डॉलर, 118 पांउड, 9 लग्जरी गाड़ियां, 17 संपत्तियों के दस्तावेज मिले थे। दबिश के दौरान पीसी सिंह देश के बाहर था। ईओडब्ल्यू ने उसे नागपुर एयरपोर्ट से गिरफ्तार किया था। जांच में पता चला कि उनके परिवार के सदस्यों के नाम पर बैंक में साढे़ 6 करोड़ रुपये जमा थे। इसके अलावा पीसी सिंह ने मिशन कंपाउंड स्थित बेशकीमती जमीन खुद के नाम आधे दामों में खरीदी थी। बिशप रहते हुए पीसी सिंह जमीन का विक्रेता खुद बना और क्रेता भी स्वयं बना था।
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ये भी पता चला कि पीसी सिंह के खिलाफ देशभर के अलग-अलग राज्यों में 60 मामले दर्ज हैं। इसके अलावा उसने फर्जी तरीके से संस्था का रजिस्ट्रेशन करवाकर मिशनरी स्कूलों पर कब्जा कर लिया था। मिशनरी स्कूल की जमीन अपने ट्रस्ट के नाम पर दर्ज करवा ली थी। ईओडब्ल्यू ने प्रकरण में पीसी सिंह की पत्नि नीरू सिंह, खास राजदार सुरेश जैकब, बेटा पीयूष तथा बीके सोलंकी के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया था। लोक सेवक होने के कारण अभियोजन की अनुमति नहीं होने पर बीके सोलंकी के खिलाफ चालान पेश नहीं किया गया।
ईओडब्ल्यू के उप पुलिस अधीक्षक स्वर्ण सिंह धामी ने बताया कि न्यायालय में सोमवार को धारा 406, 409, 420, 467, 468, 471 तथा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7 व धारा 13 के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है। मुख्य चालान में लगभग 20 करोड़ रुपये के फर्जीवाड़ा का उल्लेख किया गया है। ईओडब्ल्यू की जांच जारी है और अन्य घोटाले के संबंध में भी पूरक चालान पेश किए जाएंगे। ईओडब्ल्यू को जांच के दौरान अन्य घोटाले के संबंध में साक्ष्य मिले हैं। उन घोटालों में लिप्त अन्य व्यक्तियों को भी आरोपी बनाया जाएगा। पूर्व बिशप की बेटी प्रियंका को पूछताछ के लिए नोटिस जारी किए जा रहे हैं। प्रियंका ने हैदराबाद में रहकर एमबीबीएस का कोर्स किया था। एमबीबीएस कोर्स में लगभग पांच करोड़ रुपये व्यय हुए हैं।
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गौरतलब है कि ईओडब्ल्यू की टीम ने 8 सितंबर को तत्कालीन बिशप पीसी सिंह के नेपियर टाउन स्थित कार्यालय तथा घर में दबिश दी थी। दबिश के दौरान 80 लाख का सोना, 1 करोड़ 65 लाख रुपये नगद, 48 बैंक खाते, 18352 यूएस डॉलर, 118 पांउड, 9 लग्जरी गाड़ियां, 17 संपत्तियों के दस्तावेज मिले थे। दबिश के दौरान पीसी सिंह देश के बाहर था। ईओडब्ल्यू ने उसे नागपुर एयरपोर्ट से गिरफ्तार किया था। जांच में पता चला कि उनके परिवार के सदस्यों के नाम पर बैंक में साढे़ 6 करोड़ रुपये जमा थे। इसके अलावा पीसी सिंह ने मिशन कंपाउंड स्थित बेशकीमती जमीन खुद के नाम आधे दामों में खरीदी थी। बिशप रहते हुए पीसी सिंह जमीन का विक्रेता खुद बना और क्रेता भी स्वयं बना था।
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ये भी पता चला कि पीसी सिंह के खिलाफ देशभर के अलग-अलग राज्यों में 60 मामले दर्ज हैं। इसके अलावा उसने फर्जी तरीके से संस्था का रजिस्ट्रेशन करवाकर मिशनरी स्कूलों पर कब्जा कर लिया था। मिशनरी स्कूल की जमीन अपने ट्रस्ट के नाम पर दर्ज करवा ली थी। ईओडब्ल्यू ने प्रकरण में पीसी सिंह की पत्नि नीरू सिंह, खास राजदार सुरेश जैकब, बेटा पीयूष तथा बीके सोलंकी के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया था। लोक सेवक होने के कारण अभियोजन की अनुमति नहीं होने पर बीके सोलंकी के खिलाफ चालान पेश नहीं किया गया।
ईओडब्ल्यू के उप पुलिस अधीक्षक स्वर्ण सिंह धामी ने बताया कि न्यायालय में सोमवार को धारा 406, 409, 420, 467, 468, 471 तथा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7 व धारा 13 के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है। मुख्य चालान में लगभग 20 करोड़ रुपये के फर्जीवाड़ा का उल्लेख किया गया है। ईओडब्ल्यू की जांच जारी है और अन्य घोटाले के संबंध में भी पूरक चालान पेश किए जाएंगे। ईओडब्ल्यू को जांच के दौरान अन्य घोटाले के संबंध में साक्ष्य मिले हैं। उन घोटालों में लिप्त अन्य व्यक्तियों को भी आरोपी बनाया जाएगा। पूर्व बिशप की बेटी प्रियंका को पूछताछ के लिए नोटिस जारी किए जा रहे हैं। प्रियंका ने हैदराबाद में रहकर एमबीबीएस का कोर्स किया था। एमबीबीएस कोर्स में लगभग पांच करोड़ रुपये व्यय हुए हैं।
