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Jabalpur: बिशप के बेटे और सहयोगी को नहीं मिली जमानत, कोर्ट ने कहा- आरोपी जांच को प्रभावित कर सकते हैं
Tue, 18 Oct 2022 10:23 PM IST
अरविंद कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर
Published by: अरविंद कुमार
Updated Tue, 18 Oct 2022 10:23 PM IST
सार
करोड़ों के फर्जीवाड़े मामले में गिरफ्तार बिशप पीसी सिंह के बेटे पीयूष पॉल और सहयोगी सुरेश जैकब की जमानत याचिका विशेष न्यायाधीश अजमद अली ने खारिज कर दी है। ईओडब्ल्यू की तरफ से जमानत याचिका का विरोध करते हुए कहा गया है, विचेचना प्रारंभिक स्तर पर है और जमानत का लाभ मिलने पर आरोपी जांच को प्रभावित कर सकते हैं।
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बिशप पीसी सिंह
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
पूर्व बिशप पीसी सिंह के कार्यालय और घर में दबिश के दौरान 80 लाख का सोना, एक करोड़ 65 लाख रुपये नगद, 48 बैंक खाते, 18 हजार 352 यूएस डॉलर, 118 पांउड, नौ लग्जरी गाड़ियां और 17 संपत्तियों के दस्तावेज मिले थे। ईओडब्लयू की पूछताछ में 10 एफडी सहित 174 बैंक खातों की जानकारी मिली थी। इसके अलावा उन्होंने बिशप कंपाउंड स्थित बेशकीमती जमीन खुद के नाम आधे दामों में खरीदी थी। बिशप रहते हुए उन्होंने जमीन बेची और क्रेता के तौर पर स्वंय खरीद ली।
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पूर्व बिशप पीसी सिंह उर्फ प्रेमचंद सिंह के खिलाफ देश भर के अलग-अलग राज्यों में 99 मामले दर्ज हैं। इनमें सबसे ज्यादा 42 मामले उत्तर प्रदेश में दर्ज हुए हैं। इसके अलावा राजस्थान में 24, महाराष्ट्र में 11, पंजाब में छह, एमपी में चार, छत्तीसगढ़ में तीन, दिल्ली में तीन और झारखंड में तीन मामले दर्ज हैं।
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पूर्व बिशप पर उनके परिजनों के नाम परद दर्ज बैंक खाते में साढ़े 6 करोड़ रुपये मिले थे। ईओडब्ल्यू ने जांच के बाद मामले में उनके मैनेजर सुरेश जैकब और बेटे पीयूष पॉल को आरोपी बनाकर गिरफ्तार किया है। दोनों ने जमानत के लिए जिला न्यायालय में आवेदन दायर किया था। विशेष न्यायाधीष ईओडब्ल्यू ने सुनवाई के बाद दोनों के जमानत आवेदन को खारिज कर दिया। ईओडब्ल्यू की तरफ से अतिरिक्त लोक अभियोजक सारिक यादव ने पैरवी की।
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