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Jabalpur: धार जिले में बाओबाब वृक्ष की कटाई पर रोक, हाईकोर्ट ने सुनवाई करते हुए जारी किया नोटिस
Mon, 15 May 2023 09:55 PM IST
अर्पित याज्ञनिक
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर
Published by: अर्पित याज्ञनिक
Updated Mon, 15 May 2023 09:55 PM IST
सार
हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस की युगल पीठ ने संज्ञान याचिका की सुनवाई करते हुए धार जिले में बाओबाब वृक्ष के काटने, बेचने तथा परिवहन पर रोक लगा दी है।
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बाओबाब के पेड़
- फोटो : social media
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विस्तार
हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस रवि विजय कुमार मलिमठ और जस्टिस विशाल मिश्रा की युगलपीठ ने संज्ञान याचिका की सुनवाई करते हुए धार जिले में बाओबाब वृक्ष के काटने, बेचने तथा परिवहन पर रोक लगा दी है। युगलपीठ ने अनावेदकों को नोटिस जारी कर जवाब मांगते हुए अगली सुनवाई जुलाई माह के दूसरे सप्ताह में निर्धारित की है।
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धार जिले में बाओबाब के पेड़ों को काटने, बेचने तथा परिवहन की अनुमति दिए जाने के संबंध में एक अंग्रेजी अखबार में खबर प्रकाशित की गई थी। खबर में कहा गया था कि क्षेत्रीय नागरिक बाओबाब वृक्ष काटने का विरोध कर रहे हैं। बाओबाब पेड़ को अफ्रीका में द वर्ल्ड ट्री की उपाधि दी गई है। अफ्रीका के आर्थिक विकास में इस पेड़ का बड़ा महत्व है।
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हैदराबाद के एक व्यापारी अपने फार्म में इन पेड़ों की खेती और आर्थिक लाभ के लिए उनकी कटाई कर बेच रहा है। एक पेड़ का मूल्य 10 लाख रुपये से अधिक है, जिसके कारण दूसरे लोग भी अपने खेत में लगे पेड़ को बेचने के लिए काट रहे हैं।
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हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस ने प्रकाशित खबर को संज्ञान में लेते हुए जनहित याचिका के रूप में सुनवाई के निर्देश दिए थे। युगल पीठ ने सुनवाई के बाद धार जिले में बाओबाब के पेड़ों की कटाई, बिक्री तथा परिवहन पर रोक लगाते हुए प्रदेश सरकार के मुख्य सचिव, वन विभाग के प्रमुख सचिव, आयुक्त तथा सीसीएफ इंदौर, कलेक्टर व सीईओ जिला पंचायत को नोटिस जारी किए हैं।
