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Jabalpur: 1.80 करोड़ का गबन करने वाले बाबू को दो साल जेल, आयुर्वेद संभागीय अधिकारी कार्यालय में की थी धांधली
Mon, 28 Aug 2023 07:29 PM IST
दिनेश शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर
Published by: दिनेश शर्मा
Updated Mon, 28 Aug 2023 07:29 PM IST
सार
जबलपुर आयुर्वेद कार्यालय में रहते हुए आरोपी राम अवतार वर्मा ने 1993 व 1997 के बीच एक करोड़ 77 लाख 951 रुपये की शासकीय राशि का गबन किया। इतना ही नहीं 3 लाख 73 हजार 701 रुपये का दोहरा आहरण कराकर राशि गबन की गई थी। कोर्ट दो साल की सजा दी है।
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Jail demo
- फोटो : फाइल फोटो
विस्तार
अदालत ने पौने दो करोड़ से ज्यादा का गबन करने वाले बाबू दो साल की सजा सुनाई गई। जेएमएफसी कोर्ट ने आरोपी राम अवतार वर्मा को दोषी पाते हुए उक्त सजा से दंडित किया और दो हजार का जुर्माना लगाया। दोषी बाबू जबलपुर आयुर्वेद संभागीय अधिकारी कार्यालय में लिपिक के साथ-साथ अन्य पदों का प्रभारी था।
अदालत को अभियोजन पक्ष की ओर से बताया गया कि आरोपी राम अवतार वर्मा जबलपुर आयुर्वेद कार्यालय में मुख्य लिपिक था। 12 फरवरी 1993 को उसे कैशियर का भी चार्ज दिया गया था। इसके अलावा वेतन देयक तैयार करना भी उसी के हवाले था। 1993 व 1997 के बीच आरोपी आरए वर्मा ने एक करोड़ 77 लाख 951 रुपये की शासकीय राशि का गबन किया। इतना ही नहीं 3 लाख 73 हजार 701 रुपये का दोहरा आहरण कराकर राशि गबन की गई। संभागीय आयुर्वेद अधिकारी व्हीके जैन की शिकायत पर मदनमहल पुलिस ने आरोपी के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज कर किया। जिसके बाद अदालत के समक्ष चालान पेश गया। सुनवाई पश्चात् अदालत ने बाबू को दो साल की सजा व दो हजार के जुर्माने से दंडित किया। मामले में शासन की ओर से एडीपीओ शोभना पटेल ने पक्ष रखा।
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अदालत को अभियोजन पक्ष की ओर से बताया गया कि आरोपी राम अवतार वर्मा जबलपुर आयुर्वेद कार्यालय में मुख्य लिपिक था। 12 फरवरी 1993 को उसे कैशियर का भी चार्ज दिया गया था। इसके अलावा वेतन देयक तैयार करना भी उसी के हवाले था। 1993 व 1997 के बीच आरोपी आरए वर्मा ने एक करोड़ 77 लाख 951 रुपये की शासकीय राशि का गबन किया। इतना ही नहीं 3 लाख 73 हजार 701 रुपये का दोहरा आहरण कराकर राशि गबन की गई। संभागीय आयुर्वेद अधिकारी व्हीके जैन की शिकायत पर मदनमहल पुलिस ने आरोपी के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज कर किया। जिसके बाद अदालत के समक्ष चालान पेश गया। सुनवाई पश्चात् अदालत ने बाबू को दो साल की सजा व दो हजार के जुर्माने से दंडित किया। मामले में शासन की ओर से एडीपीओ शोभना पटेल ने पक्ष रखा।
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