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MP News: बहन पर बुरी नजर रखने वाले दोस्त को उतारा मौत के घाट, आरोपी पुलिस की गिरफ्त में

Sat, 12 Oct 2024 09:32 PM IST
शबाहत हुसैन न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर Published by: शबाहत हुसैन Updated Sat, 12 Oct 2024 09:32 PM IST
सार

MP News: कॉलेज छात्र की हत्या के आरोप में पुलिस ने उसके दोस्त को गिरफ्तार कर लिया है। कॉलेज छात्र अपने दोस्त की बहन पर बुरी नजर रखता था। जिसके कारण दोस्त ने उसकी हत्या की थी। पुलिस ने आरोपी दोस्त के खिलाफ हत्या का प्रकरण दर्ज कर लिया है।
 

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a friend who had an evil eye on his sister was killed In Jabalpur
जांच में जुटी पुलिस - फोटो : अमर उजाला डिजिटल

विस्तार

गौरतलब है कि कंटगी थानान्तर्गत ग्राम पडरिया निवासी अरुण कुमार लोधी उम्र 20 साल बीए सेकेंड ईयर का छात्र था। छात्र के लापता होने के रिपोर्ट परिजनों द्वारा 1 अक्तूबर को थाने में दर्ज करवाई गयी थी। पुलिस ने गुम इंसान के तहत प्रकरण दर्ज छात्र की तलाश प्रारंभ कर दी थी। पुलिस को 9 अक्तूबर की सुबह सूचना मिली थी। गांव में बाहर स्थित तालाब से बदबू आ रही है। पुलिस टीम ने जाकर देखा तो छात्र की लाश तालाब में पड़ी हुई थी। छात्र के सिर पर धारदार हथियार से हमला कर उसकी हत्या की गयी थी। पुलिस ने लाश को पंचनामा कार्रवाई के बाद पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया।

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छात्र रोजाना की तरफ भोजन करते के बाद 1 अक्तूबर को रात आठ बजे अपने दोस्त आनंद ठाकुर तथा राघवेन्द्र के साथ घुमने गया था। चबूतरे में बैठकर वीडियो गेम खेलने के बार राघवेन्द्र अपने घर चला गया था।

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अरुण व आनंद भी अपने-अपने घर चले गये थे। कुछ देर बाद आनंद ने फोन कर अरुण को तालाब के किनारे बुलाया और सिर पर लोहे के पेचकस से हमला कर दिया। जिसके कारण उसकी मौत हो गयी। आरोपी आनंद ने पूछताछ के दौरान बताया कि अरुण उसकी बहन पर बुरी नजर रखता था। जिसके कारण उसने अपने दोस्त की हत्या कर दी। पुलिस ने आरोपी दोस्त को गिरफ्तार कर लिया है।
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गला रेतकर युवक की हत्या
बरेला थानान्तर्गत ग्राम बिलगडा के समीप चबूतरे में एक युवक की रक्तरंजित लाश मिली। युवक की गला रेतकर हत्या की गयी थी। शव के पास डिस्पोजल व शराब की खाली बोतल भी पड़ी हुई थी। संभवत शराबखोरी में युवक की हत्या की गई है। पुलिस ने हत्या का प्रकरण दर्ज कर आरोपी के संबंध में पतासाजी प्रारंभ कर दी है। बरेला पुलिस के प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्राम बिलगडा के समीप गौमुख के समीप बने चबूतरे में एक युवक की रक्तरंजित लाश पड़ी होने की सूचना प्राप्त हुई थी। युवक की शिनाख्त पुनीत पटेल के रूप में हुई थी। युवक मजदूरी का काम करता था। युवक गत दिवस काम करने घर से निकला था और रात को घर वापस नहीं लौटा था। युवक की धारदार हथियार से गला रेतकर हत्या की गयी है।

पुलिस ने लाश को पंचनामा कार्रवाई के बाद पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया। पुलिस ने हत्या का प्रकरण दर्ज कर आरोपी के संबंध में पतासाजी प्रारंभ कर दी है। युवक को गत दिवस मजदूरी भी मिली थी। इसके बाद युवक के शराब खरीदी थी। संभवत शराबखोरी में दोस्त द्वारा उसकी हत्या की गयी है। युवक को अंतिम बार किसके साथ देखा गया था, इस संबंध में पतासाजी जारी है। कुछ संदिग्ध व्यक्तियों को पूछताछ के लिए अभिरक्षा में लिया गया है। 

हाईकोर्ट से मिली 14 वर्षीय बच्ची को गर्भपात की अनुमति
बलात्कार पीड़ित 14 वर्षीय बच्ची को हाईकोर्ट ने चिकित्सा पद्धति से गर्भपात की अनुमति प्रदान की है। पीड़ित के साथ उसके रिश्तेदार ने बलात्कार किया था। पीड़ित 28 सप्ताह से गर्भवती है। जस्टिस विनय सराफ की एकलपीठ ने अपने आदेश में कहा है कि चिकित्सा प्रक्रिया से गर्भावस्था समाप्ति में जटिलताएं हो सकती हैं, लेकिन गर्भावस्था को जारी रखना और 14 साल की लड़की द्वारा बच्चे को जन्म देना भी जोखिम से मुक्त नहीं है। बच्चे को जन्म देना लड़की के लिए मानसिक, शारीरिक और सामाजिक आघात होगा।

पीड़िता के पिता ने घटना के संबंध में बैतूल में रिपोर्ट दर्ज करवाई गयी थी। रिपोर्ट को नर्मदापुरम (ग्रामीण) पुलिस स्टेशन में स्थानांतरित कर दिया गया था। संबंधित पुलिस थाने में  18 सितंबर, 2024 को एफआईआर दर्ज की गई थी। पीड़ित के पिता ने भी पुलिस स्टेशन में चिकित्सा प्रक्रिया से गर्भावस्था समाप्त करने के लिए आवेदन दिया था। पुलिस ने मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय की कानूनी सहायता समिति के पास आवेदन भेजा गया था। जिसके बाद मामला हाईकोर्ट के समक्ष प्रस्तुत किया गया था। हाईकोर्ट ने पीड़ित की मेडिकल जांच के लिए गांधी मेडिकल कॉलेज भोपाल के डीन को डॉक्टरों का एक विशेषज्ञ पैनल गठित कर रिपोर्ट पेश करने के निर्देष जारी किये थे।


डॉक्टरों की 8 सदस्यीय पैनल की तरफ से पेश की गयी रिपोर्ट में कहा गया था कि गर्भ 28 सप्ताह और 6 दिन का है। चिकित्सा प्रक्रिया से गर्भपात करना चिकित्सा समाप्ति अधिनियम, 1971 का उल्लंघन होगा, जो सामान्य परिस्थितियों में 20 सप्ताह और असाधारण मामलों में 24 सप्ताह तक गर्भावस्था को समाप्त करने की अनुमति देता है। एकलपीठ ने सुनवाई के बाद अपने आदेश में कहा है कि पीड़ित के माता-पिता नहीं चाहते हैं कि उनकी बेटी इतनी कम उम्र में बच्चे को जन्म दे। सुप्रीम कोर्ट तथा हाईकोर्ट के आदेश का हवाला देते हुए अपने आदेश में कहा है कि चिकित्सा प्रक्रिया से गर्भपात के लिए डॉक्टरों की विशेष टीम गठित की जाये। 

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