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जबलपुर: पुनर्वास केंद्र में चल रहा था धर्मांतरण का खेल, प्रकरण दर्ज
Tue, 14 Dec 2021 07:48 PM IST
दिनेश शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर
Published by: दिनेश शर्मा
Updated Tue, 14 Dec 2021 07:48 PM IST
सार
जबलपुर के बरेला थानांतर्गत एकता चौक के समीप पुनर्वास केंद्र संचालित करने वाली संस्था के खिलाफ पुलिस ने धर्मांतरण सहित अन्य धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज कर लिया है। राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग की सिफारिश पर केंद्र के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई गई है।
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निरीक्षण करने पहुंची राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग की टीम।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
जबलपुर के बरेला थानांतर्गत एकता चौक के समीप पुनर्वास केंद्र संचालित करने वाली संस्था के खिलाफ पुलिस ने धर्मांतरण सहित अन्य धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज कर लिया है। राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग की सिफारिश पर महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा केंद्र के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई गई है।
गौरतलब है कि राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग की टीम ने गत दिवस एकता चौक के समीप संचालित करुणा नव जीवन पुनर्वास केंद्र का निरीक्षण किया था। केंद्र में पांच नाबालिग रहते थे और सभी अनाथ हैं। निरीक्षण के दौरान टीम को केंद्र में सिर्फ बाइबल की किताबें मिली थीं। इसके अलावा टीम ने केंद्र में कई अन्य अनियमितताएं पाई थीं। टीम ने केंद्र के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाने की सिफारिश करते हुए कलेक्टर को पत्र लिखा था। कलेक्टर के निर्देश पर महिला एव बाल विकास विभाग के कार्यक्रम अधिकारी एवं जिला बाल संरक्षण अधिकारी एमएल मेहरा ने दोपहर लगभग 1 बजे बरेला थाना पहुंचकर रिपोर्ट दर्ज करवाई।
बरेला थाना प्रभारी जितेन्द्र यादव के अनुसार सेंटर में 7 से 18 वर्ष के बच्चों को एक साथ रखा गया था। नियमानुसार 7 से 11 तथा 12 से 18 वर्ष के लिए अलग-अलग सेंटर होने चाहिए। इसके अलावा किशोर न्याय अधिनियम 2015 की धारा 41 के तहत संस्था का पंजीयन नहीं था। संस्था में जैविक धर्म की जानकारी नहीं देते हुए सिर्फ एक धर्म की शिक्षा दी जाती थी। संबंधित धर्म के ग्रंथ सेंटर में मिले थे। शिकायत पर पुलिस ने संस्था के खिलाफ किशोर न्याय अधिनियम 2015 की धारा 41 तथा 42 और मध्य प्रदेश धार्मिक स्वतंत्रता अध्यादेश 2020 के तहत अपराध दर्ज कर लिया है।
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गौरतलब है कि राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग की टीम ने गत दिवस एकता चौक के समीप संचालित करुणा नव जीवन पुनर्वास केंद्र का निरीक्षण किया था। केंद्र में पांच नाबालिग रहते थे और सभी अनाथ हैं। निरीक्षण के दौरान टीम को केंद्र में सिर्फ बाइबल की किताबें मिली थीं। इसके अलावा टीम ने केंद्र में कई अन्य अनियमितताएं पाई थीं। टीम ने केंद्र के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाने की सिफारिश करते हुए कलेक्टर को पत्र लिखा था। कलेक्टर के निर्देश पर महिला एव बाल विकास विभाग के कार्यक्रम अधिकारी एवं जिला बाल संरक्षण अधिकारी एमएल मेहरा ने दोपहर लगभग 1 बजे बरेला थाना पहुंचकर रिपोर्ट दर्ज करवाई।
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बरेला थाना प्रभारी जितेन्द्र यादव के अनुसार सेंटर में 7 से 18 वर्ष के बच्चों को एक साथ रखा गया था। नियमानुसार 7 से 11 तथा 12 से 18 वर्ष के लिए अलग-अलग सेंटर होने चाहिए। इसके अलावा किशोर न्याय अधिनियम 2015 की धारा 41 के तहत संस्था का पंजीयन नहीं था। संस्था में जैविक धर्म की जानकारी नहीं देते हुए सिर्फ एक धर्म की शिक्षा दी जाती थी। संबंधित धर्म के ग्रंथ सेंटर में मिले थे। शिकायत पर पुलिस ने संस्था के खिलाफ किशोर न्याय अधिनियम 2015 की धारा 41 तथा 42 और मध्य प्रदेश धार्मिक स्वतंत्रता अध्यादेश 2020 के तहत अपराध दर्ज कर लिया है।
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